देश की खबरें | दिल्ली: मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के स्वागत में लगाये गये पोस्टर और गुब्बारे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के ज्यादातर मतदान केंद्र अलग-अलग रंगों से पटे दिखाई दिये और मतदाताओं को चुनाव अनुकूल माहौल का अहसास कराने के लिए मशहूर हस्तियों के पोस्टर लगाए गए, जिन पर खास संदेश लिखे थे।

नयी दिल्ली, पांच फरवरी दिल्ली के ज्यादातर मतदान केंद्र अलग-अलग रंगों से पटे दिखाई दिये और मतदाताओं को चुनाव अनुकूल माहौल का अहसास कराने के लिए मशहूर हस्तियों के पोस्टर लगाए गए, जिन पर खास संदेश लिखे थे।

ऐसे ही एक पोस्टर पर लता मंगेशकर की तस्वीर थी, जबकि कई अन्य पर पैरालिंपियन की तस्वीर थी।

सरकारी विद्यालयों में स्थापित मतदान केंद्रों की दीवारों पर गुलाबी, नीले और पीले रंग के गुब्बारे चिपकाए गए थे।

बादली विधानसभा क्षेत्र में गुलाबी थीम वाला एक मतदान केंद्र महिलाओं को सम्मान देने के लिए बनाया गया था।

बूथ पर ‘अग्रणी महिला, अग्रणी राष्ट्र’ का नारा लिखा एक पोस्टर भी लगा हुआ था, जिस पर रानी लक्ष्मीबाई, लता मंगेशकर, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला और बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल की तस्वीरें थीं।

उत्तरी दिल्ली के जहांगीरपुरी में एक मतदान केंद्र नीले व सफेद रंग के गुब्बारों ‍‍व पैरालिंपियनों की तस्वीरों से पटा हुआ था।

कई बूथों को रंगोली, मालाओं, हाथ से बने छातों और मतदान अधिकार पोस्टरों से सजाया गया था।

गोल्फ लिंक्स में दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए एक विशेष बूथ बनाया गया था।

बूथ पर लोकतंत्र के प्रतीकों की स्पर्शनीय अभिव्यक्तियां थीं, जिनमें भारत का संविधान, भारतीय मानचित्र, संसद, निर्वाचन आयोग का रंग कोड और राष्ट्रीय प्रतीक शामिल थे, जो सभी ब्रेल लिपि में प्रदर्शित थे।

विशेष बूथ पर ब्रेल लिपि में मतपत्र मुद्रित थे, जहां पहली बार मतदान करने वाले 14 मतदाताओं ने मतदान किया।

पश्चिमी दिल्ली के एक मतदान केंद्र पर मतदाताओं का स्वागत अंतरिक्ष सूट पहने अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा किया गया।

इस मतदान केंद्र पर चंद्रयान और गगनयान के मॉडल प्रदर्शित किए गए, जबकि मतदाताओं को बायोस्कोप और दूरबीनों से ग्रहों का पता लगाने का मौका मिला।

बुजुर्ग मतदाताओं का स्वागत विशेष रूप से गुलाब और पटका (दुपट्टा) देकर किया गया।

अधिकांश मतदान केंद्रों पर पानी के फिल्टर, व्हीलचेयर और प्राथमिक चिकित्सा किट उपलब्ध थे।

स्वयंसेवक, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) स्काउट व गाइड, बुजुर्गों और विकलांग मतदाताओं की सहायता करते देखे गए।

हालांकि, बादली और रोहिणी से सिविल लाइंस की ओर बढ़ने पर व्यवस्थाओं में कुछ अंतर देखने को मिला।

बादली में कई बूथों पर प्राथमिक उपचार की सुविधा नहीं थी जबकि सिविल लाइंस बूथों पर नर्सें मेडिकल किट के साथ बैठी दिखाई दीं।

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