नयी दिल्ली, पांच मार्च दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी, गुरुग्राम, चेन्नई और हैदराबाद में हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह के 36 वर्षीय सरगना को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह चोरी से पहले खुफिया जानकारी जुटाने के लिए घरेलू सहायक या सहायिका का इस्तेमाल करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मुखिया गिरोह के सरगना रामाशीष मुखिया उर्फ करण मुखिया के रूप में हुई है, जिसे द्वारका के मोहन गार्डन इलाके से गिरफ्तार किया गया है।
उसने बताया कि करण को दिल्ली, गुरुग्राम, चेन्नई और हैदराबाद में, पांच मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया था। करण 2017 से फरार था।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) सतीश कुमार ने बताया, ‘‘चार मार्च को पुलिस को उसकी गतिविधियों के बारे में सूचना मिली और मोहन गार्डन के सोम बाजार रोड इलाके में जाल बिछाया गया। जब करण को द्वारका की तरफ से आते देखा गया तो उसने भागने का प्रयास किया। हालांकि, उसे काबू कर लिया गया और हिरासत में ले लिया गया।’’
मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाला करण कई मामलों में वांछित था, जिसमें 2014 में रोहिणी में हुई डकैती भी शामिल है, जहां घरेलू सहायक ने घर के मालिक को नशीला पदार्थ खिलाकर नकदी और आभूषण चुरा लिए थे।
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान यह पता चला कि करण चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले, कथित तौर पर खुफिया जानकारी जुटाने के लिए लक्षित घरों में घरेलू सहायक या सहायिका को काम पर रखवाता था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY