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देश की खबरें | दिल्ली का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस ; वायु गुणवत्ता 'गंभीर'

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

देश की खबरें | दिल्ली का न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस ; वायु गुणवत्ता 'गंभीर'

नयी दिल्ली, चार नवंबर राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 9.30 बजे 426 रहा।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि सुबह 8.30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 92 प्रतिशत थी।

आईएमडी के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 31.3 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

आनंद विहार और जहांगीरपुरी राजधानी में सबसे प्रदूषित स्थान रहे, जहां एक्यूआई क्रमश: 471 और 485 रहा। जिन क्षेत्रों में ‘गंभीर’ एक्यूआई दर्ज किया गया है, वे हैं-अलीपुर (475), अशोक विहार (470), बवाना (482), बुराड़ी (460), डीटीयू (446), द्वारका (474), आईटीओ (438), मुंडका (476), नरेला (477), नेहरू नगर (482), पटपड़गंज (435), रोहिणी (474), सोनिया विहार (472), विवेक विहार (471) और वजीरपुर (475)।

400 से ऊपर का एक्यूआई ‘गंभीर’ माना जाता है और यह स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है और मौजूदा बीमारियों वाले लोगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

सीपीसीबी के सुबह 9.10 बजे के आंकड़ों के अनुसार, 36 निगरानी स्टेशनों में से 31 ने ‘गंभीर’ एक्यूआई दर्ज किया। मौसम विभाग ने दिन में कोहरे की संभावना जताई है।

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 2021 में गठित एक वैधानिक निकाय, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा कि राज्य सरकारें शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने, गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों और वाहनों के सम विषम रूप से चलाने का फैसला कर सकती हैं।

दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई गुरुवार शाम 4 बजे 450 था, जो ‘गंभीर प्लस’ श्रेणी से एक पायदान कम था।

कई क्षेत्रों में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म कणों की सांद्रता, जिन्हें पीएम 2.5 के रूप में जाना जाता है, 470 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ऊपर यानि कि 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की सुरक्षित सीमा से लगभग आठ गुना अधिक थी ।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2022 01:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).