नयी दिल्ली, 24 जून दिल्ली पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकरियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उनके मुताबिक, आरोपी खुद को प्लेसमेंट एजेंसी का सदस्य बताकर नौकरी के इच्छुक लोगों के साथ ठगी करता था।
पुलिस ने 19 वर्षीय लड़के की शिकायत पर जांच के बाद राहुल (30) नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि ‘जॉब है’ नामक एक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से कैशियर पद के लिए आवेदन करने के बाद उसके साथ 9,000 रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने बताया, "युवक ने सोशल मीडिया पर ऐप का विज्ञापन देखा, उसे डाउनलोड किया और नौकरी के लिए आवेदन किया। इसके तुरंत बाद, सोशल मीडिया के ज़रिए खुद को एचआर (मानव संसाधन) कर्मी कमल बताने वाले एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और उसे निर्माण विहार में सीधे साक्षात्कार के लिए बुलाया।"
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता को एक किराना आपूर्ति कंपनी में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था और पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन व टीडीएस आदि के वास्ते विभिन्न शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा गया था।
अधिकारी ने बताया, "27 मई से छह जून 2025 के बीच उसने मोबाइल भुगतान ऐप के ज़रिए आरोपी द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर 9,000 रुपये से ज़्यादा स्थानांतरित किए। जब उसने ज़्यादा पैसे देने से मना कर दिया, तो उसे ब्लॉक कर दिया गया। भर्ती एजेंसी ट्रेजर फाइंड सॉल्यूशन फर्जी निकली।"
मामला दर्ज किया गया और मोबाइल फोरेंसिक से पता चला कि धोखाधड़ी से भुगतान प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का संचालन शिवम और अभिषेक तिवारी द्वारा किया जाता था।
अधिकारी ने बताया, "राहुल और उसकी पत्नी ने भर्ती एजेंसी के तौर पर निर्माण विहार में एक कार्यालय किराए पर लिया था। नोएडा और बहादुरगढ़ में की गई छापेमारी के दौरान राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसकी पत्नी सीमा फिलहाल फरार है।"
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