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देश की खबरें | भीषण शीतलहर की चपेट में दिल्ली, घने कोहरे से सड़क, रेल यातायात प्रभावित

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में रविवार को कोहरे की मोटी चादर छाई रही जिससे 480 रेलगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में शीतलहर चल रही है, जहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

देश की खबरें | भीषण शीतलहर की चपेट में दिल्ली, घने कोहरे से सड़क, रेल यातायात प्रभावित

नयी दिल्ली, आठ जनवरी देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में रविवार को कोहरे की मोटी चादर छाई रही जिससे 480 रेलगाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हुई। दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में शीतलहर चल रही है, जहां न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान लगातार चौथे दिन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अधिकतर स्थानों के तापमान से भी कम रहा।

रेलवे के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कोहरे के कारण करीब 335 ट्रेन देरी से चल रही हैं, 88 को रद्द किया गया है, 31 का मार्ग परिवर्तित किया गया है और 33 रेलगाड़ियों की यात्रा को उनके गंतव्य स्थान से पहले समाप्त किया गया है।’’

यात्रियों को उड़ानों के संबंध में अद्यतन जानकारी के लिए संबंधित विमानन कंपनी से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

अधिकारियों ने कहा कि रविवार सुबह करीब 25 उड़ानों में देरी हुई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बठिंडा और आगरा में दृश्यता का स्तर शून्य मीटर तक गिर गया और पटियाला, चंडीगढ़, हिसार, अलवर, पिलानी, गंगानगर, लखनऊ और कूचबिहार में 25 मीटर तथा अमृतसर और लुधियाना, अंबाला, भिवानी, पालम (दिल्ली), फुर्सतगंज, वाराणसी, मेरठ, गया और धुबरी में दृश्यता 50 मीटर रही।

हरियाणा में रोहतक, दिल्ली में सफदरजंग, रिज और आयानगर, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर और बहराइच और बरेली, बिहार में भागलपुर, पश्चिम बंगाल में बागडोगरा और जलपाईगुड़ी तथा असम, मेघालय और त्रिपुरा में कई स्थानों पर दृश्यता का स्तर 200 मीटर दर्ज किया गया।

मौसम कार्यालय के मुताबिक, दृश्यता जब शून्य से 50 मीटर के बीच रह जाती है तो उस समय ‘बहुत घना’ कोहरा होता है। वहीं, 51 से 200 मीटर के बीच दृश्यता की स्थिति में ‘घना’, 201 से 500 मीटर के बीच ‘मध्यम’ और 501 से 1,000 मीटर के बीच दृश्यता की स्थिति में ‘हल्का’ कोहरा होता है।

दिल्ली में रविवार सुबह भीषण शीतलहर का प्रकोप रहा। शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दो साल में राष्ट्रीय राजधानी में जनवरी के महीने में दर्ज सबसे कम तापमान है।

दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिमी भारत में बर्फ से ढके पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के चलते लोधी रोड, आयानगर, रिज और जाफरपुर के मौसम केंद्रों में न्यूनतम तापमान क्रमशः 2.8 डिग्री सेल्सियस, 2.6 डिग्री सेल्सियस, 2.2 डिग्री सेल्सियस और 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आईएमडी ने कहा कि यह लगातार चौथा दिन है जब राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान चंबा (8.2 डिग्री), डलहौजी (8.2 डिग्री), धर्मशाला (6.2 डिग्री), शिमला (9.5) शामिल हैं। डिग्री), हमीरपुर (3.9 डिग्री), मनाली (4.4 डिग्री), कांगड़ा (7.1 डिग्री), सोलन (3.6 डिग्री), देहरादून (6 डिग्री), मसूरी (9.6 डिग्री), नैनीताल (6.2 डिग्री), मुक्तेश्वर (6.5 डिग्री) और टिहरी (7.6 डिग्री) समेत हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकतर पर्वतीय क्षेत्रों से कम रहा।

हरियाणा के हिसार में पारा 1.4 डिग्री सेल्सियस, पंजाब के आदमपुर में 2.8 डिग्री सेल्सियस, चूरू में शून्य से 0.5 डिग्री नीचे और राजस्थान के पिलानी में 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में यह 3.2 डिग्री सेल्सियस और वाराणसी में 3.8 डिग्री सेल्सियस, बिहार के गया में 2.9 डिग्री सेल्सियस, मध्य प्रदेश के नौगोंग में शून्य से एक डिग्री नीचे और उमरिया में 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान शनिवार को 2.2 डिग्री सेल्सियस, शुक्रवार को चार डिग्री सेल्सियस, बृहस्पतिवार को तीन डिग्री सेल्सियस और बुधवार को 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, भीषण शीतलहर के कारण मध्य दिल्ली के रिज मौसम केंद्र में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम सात डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया, जिससे यह कड़ाके की ठंड वाला दिन बन गया। बढ़ती ठंड से बिजली आपूर्ति ग्रिड पर दबाव बढ़ रहा है और इससे बेघरों और पशुओं के सामने चुनौती भी पैदा हो रही है। दिल्ली में सर्दियों में बिजली की मांग शुक्रवार को बढ़कर रिकॉर्ड 5,526 मेगावाट पर पहुंच गई।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कुछ स्थानों पर कृषि, पशुधन, जल आपूर्ति, परिवहन और बिजली क्षेत्र पर प्रभाव पड़ने की चेतावनी दी है।

मौसम कार्यालय ने यह भी कहा कि लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से ठंड लग सकती है और किसी को कंपकंपी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, जो इस बात का पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है और लोगों को घर के अंदर रहना चाहिए।

मौसम विभाग ने रविवार को दिल्ली सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों के लिए ‘‘ऑरेंज’’ अलर्ट जारी किया, जिसमें घने कोहरे, दिन में ठंड और शीतलहर की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है।

परामर्श में कहा गया है, ‘‘विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त गर्म तरल पदार्थ पिएं। बाहरी गतिविधियों में शामिल होने से बचें या उन्हें सीमित करें।’’

आईएमडी ने कहा कि राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में आठ जनवरी को शीतलहर से भीषण शीतलहर की स्थिति जारी रहने का अनुमान है। हालांकि, एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ दिनों के बाद सर्दी से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।

मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस या 10 डिग्री सेल्सियस और सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहने पर मौसम कार्यालय शीतलहर की घोषणा करता है। गंभीर शीतलहर की स्थिति तब होती है, जब न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है।

वहीं, ठंडा दिन तब माना जाता है, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम या उसके बराबर होता है और अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री कम होता है। अत्यधिक ठंडा दिन तब होता है, जब अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 6.5 डिग्री सेल्सियस घट जाता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 08, 2023 03:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).