देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय ने लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़ी ऑक्सफैम की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

नयी दिल्ली,13 फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ऑक्सफैम इंडिया के लाइसेंस का नवीनीकरण विदेशी चंदा से जुड़े कानून के तहत नहीं किये जाने के खिलाफ उसकी याचिका पर सोमवार को केंद्र से जवाब मांगा।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने संगठन की याचिका पर नोटिस जारी किया और केंद्र सरकार को इस पर (याचिका पर) और अंतरिम राहत देने का अनुरोध करने वाली एक अर्जी पर चार हफ्तों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जवाब में, नवीनीकरण नहीं किये जाने का कारण विस्तार से बताया जाए।’’

अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी और इसमें ‘संवेदनशील सूचना’ होगी।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश सिंह ने कहा कि एनजीओ का कामकाज बाधित हुआ है और इसे उसके द्वारा प्राप्त किये गये 21 करोड़ रुपये का उपयोग करने की अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा कि यूनिसेफ की ओर से प्राप्त धन मानवीय सहायता उद्देश्यों के लिए थे और इस संस्था को कानून में ‘विदेशी स्रोत’ के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है।

अधिवक्ता प्रभसहाय कौर के मार्फत दायर याचिका में, याचिकाकर्ता ने कहा है कि विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत उसके लाइसेंस के नवीनीकरण की अर्जी बगैर बताये/बेवजह खारिज कर दी गई और इसके पीछे यह कारण बताया गया कि अर्जीकर्ता द्वारा विदेशी चंदा प्राप्त किये जाने से जनहित प्रभावित होने की संभावना है।

याचिका में कहा गया है कि इसे खारिज किया जाना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का घोर उल्लंघन है और पिछले साल एक दिसंबर को पारित किया गया संबद्ध आदेश बेबुनियाद और मनमाने आधार पर है।

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