देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सोशल मीडिया खातों के निलंबन पर अर्जियों की सुनवाई से अलग हुए
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नयी दिल्ली, एक अगस्त दिल्ली उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया जिनमें सोशल मीडिया मंचों पर बने खातों (अकाउंट) को हटाए जाने व उनके निलंबन को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि याचिकाकर्ता वकील संजय हेगड़े उनके ‘अच्छे मित्र’ हैं इसलिए इन याचिकाओं को किसी अन्य पीठ के सम्मुख सूचीबद्ध किया जाए।
अदालत ने अन्य न्यायाधीश के सामने इस मामले की आगे की सुनवाई के लिए सात अगस्त की तारीख तय की।
उच्च न्यायालय के सामने कई खाताधारकों की याचिकाएं विचाराधीन हैं जिनमें ट्विटर समेत सोशल मीडिया मंचों पर उनके खातों को निलंबित किये जाने एवं हटाये जाने को चुनौती दी गयी है।
वोकफ्लिक्स नामक एक उपयोगकर्ता का ट्विटर खाता नफरत भरे भाषण के प्रचार के आरोप में पहले निलंबित और फिर हटा दिया गया। इस उपयोगकर्ता ने उच्च न्यायालय से कहा कि ट्विटर खुल्लमखुल्ला दोहरे मापदंड अपना रहा है, जहां नृशंस विचारों से भरी हिंदू संवदेनाओं को अनुमति दी जाती है जबकि अन्य समुदायों की भावनाओं पर पैनी नजर रखी जाती है।
अन्य याचिकाकर्ता एवं वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े ने 2019 में उच्च न्यायालय का रुख करते हुए केंद्र को सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत दिशानिर्देश बनाने का निर्देश देने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि सोशल मीडिया पर संविधान के अनुरूप सेंसरशिप हो। उन्होंने दो ट्वीट रिट्वीट किये जाने पर कथित रूप से पांच नवंबर, 2019 को उनका ट्विटर खाता स्थायी रूप से निलंबित किए जाने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था अपना खाता बहाल कराने का अनुरोध किया था।
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