देश की खबरें | दिल्ली अग्निशमन सेवा ने सबसे अधिक प्रदूषण वाले 13 स्थानों पर पानी का छिड़काव शुरू किया

नयी दिल्ली, छह नवंबर दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने शहर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सबसे अधिक प्रदूषित 13 स्थानों पर पानी का छिड़काव शुरू किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

डीएफएस के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि सबसे अधिक प्रदूषित स्थानों के रूप में नरेला, बवाना, मुंडका, वजीरपुर, रोहिणी, आरके पुरम, ओखला, जहांगीरपुरी, आनंद विहार, पंजाबी बाग, मायापुरी और द्वारका की पहचान की गई है।

गर्ग ने बताया कि सबसे अधिक प्रदूषित स्थानों की पहचान इन इलाकों में पीएम10 और पीएम2.5 के औसत वार्षिक जमाव के आधार पर की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘इन 13 स्थानों पर पानी की छिड़काव से हवा में धुल कण को कम करने में मदद मिलेगी।’’

गर्ग ने बताया कि आग बुझाने वाली 12 गाड़ियों को इस काम में लगाया गया है और रविवार से ही पानी का छिड़काव शुरू कर दिया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीपी) रोजाना अपराह्न चार बजे 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दर्ज करता है। आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को एक्यूआई 415 था जो रविवार को और बद्तर होकर 454 पर आ गया। इसकी वजह से केंद्र को प्रदूषण को नियंत्रित करने की योजना जिसे ग्रेडेड रेस्पान्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के अंतिम चौथे चरण को लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को अपराह्न चार बजे एक्यूआई 423 (गंभीर श्रेणी) दर्ज किया गया।

केंद्र की प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी में एक्यूआई 450 के पार होते ही आपात योजना लागू हो जाती है, जिसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक, वाणिज्यिक वाहनों और सभी तरह के निर्माण कार्यों पर रोक लगना अनिवार्य है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को घोषणा की कि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की कवायद के तौर पर शहर में 13 से 20 नवंबर तक सम-विषम कार योजना लागू की जाएगी।

राय ने यह भी कहा कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने सभी स्कूलों में कक्षाओं को बंद करने और केवल ऑनलाइन कक्षाओं को अनुमति देने का फैसला किया है। केवल बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं कक्षाओं के छात्रों पर यह लागू नहीं होगा।

पर्यावरण मंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘दिल्ली में दिवाली के बाद 13 से 20 नवंबर तक सम-विषम योजना लागू की जाएगी। इस योजना की अवधि बढ़ाने पर फैसला 20 नवंबर के बाद लिया जाएगा।’’

राय ने कहा कि सम-विषम योजना से छूट समेत इसका विवरण परिवहन विभाग के साथ विचार-विमर्श कर तय किया जाएगा।

साल 2016 में पहली बार लागू की गई इस योजना के तहत सम या विषम पंजीकरण संख्या वाली कारों को वैकल्पिक दिनों (एक दिन छोड़कर एक दिन) पर चलाने की अनुमति दी जाती है। अगले सप्ताह जब इसे लागू किया जाएगा तो यह चौथी बार होगा जब दिल्ली सरकार वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए यह योजना लागू करेगी।

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