देश की खबरें | दिल्ली चुनाव: हैदरपुर, समयपुर बादली में पानी, सफाई और कानून व्यवस्था के मुद्दे केंद्र में

नयी दिल्ली, 29 जनवरी जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हैदरपुर और समयपुर बादली में पानी की कमी, स्वच्छता और कानून व्यवस्था की स्थिति चुनावी मुद्दे बन गए हैं।

इन ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग खुले सीवर, कूड़े से अटी सड़कों, लगातार दुर्गंध और पानी की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं।

कुछ लोग इस बात को लेकर आशावादी हैं कि चुनाव कुछ सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं, वहीं अन्य लोगों का राजनीतिक दलों से मोहभंग हो चुका है।

इन इलाकों में महिलाओं के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं हैं। एक स्थानीय महिला और तीन बच्चों की मां ने कहा, "हमें मतदाता पहचान पत्र बनवाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी नहीं है।"

शैक्षणिक संस्थानों की कमी पर प्रकाश डालते हुए एक अन्य महिला ने कहा, "मेरे बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल रहा है। यहां विकास के नाम पर एकमात्र क्लीनिक है जहां हमें मुफ्त दवाएं मिलती हैं।"

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों से 2,500 या 2,100 रुपये जैसी वित्तीय सहायता मिलने से मासिक किराना खर्च का प्रबंध करने में मदद मिलेगी। इन इलाकों में पानी की कमी एक और समस्या है।

मैकेनिक का काम करने वाले राकेश ने कहा, "यहां पीने का पानी नहीं है। पानी के टैंकर हफ्ते में एक या दो बार आते हैं, जिससे लोगों के बीच झगड़े होते हैं। कई राजनीतिक नेता यहां आ चुके हैं और इस मुद्दे से अवगत हैं, फिर भी इतने सालों में कुछ नहीं बदला है।”

इसी तरह, हैदरपुर में पिछले 34 वर्षों से दुकान चला रहे एक शख्स ने अपनी दुकान के पास खुले सीवर और कचरे की ओर इशारा किया।

उन्होंने कहा, “हम सड़कों की मरम्मत के लिए स्वयं धन इकट्ठा कर रहे हैं, क्योंकि दशकों से यहां निर्माण कार्य नहीं हुआ है।”

इलाके में कानून व्यवस्था से जुड़ी संबंधी चिंताएं भी व्याप्त हैं। स्कूल से लौट रही रोशनी और पिंकी ने इलाके में अक्सर होने वाली चोरियों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में फोन और पर्स छीनना आम बात हो गई है। हम शाम छह बजे के बाद घर से बाहर निकलने में सुरक्षित महसूस नहीं करते।”

बिहार के एक मजदूर राजेश कुमार ने सार्वजनिक शौचालयों की अस्वास्थ्यकर स्थिति पर प्रकाश डाला।

एक अन्य निवासी पार्वती देवी ने लोगों के वित्तीय संघर्षों के बारे में बताया।

उन्होंने कहा, "हम स्कूल की किताबों और वर्दी के लिए रखे गए पैसे का इस्तेमाल राशन का सामान या पानी खरीदने में करते हैं। जब आप जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हों तो शिक्षा से ज़्यादा भोजन महत्वपूर्ण है।”

हैदरपुर और समयपुर बादली शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की बंदना कुमारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रेखा गुप्ता को शिकस्त दी थी।

इस साल इस सीट पर बंदना कुमारी (आप), रेखा गुप्ता (भाजपा) और प्रवीण जैन (कांग्रेस) के बीच मुकाबला होगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव पांच फरवरी को होने हैं, जिसके नतीजे आठ फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

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