देश की खबरें | दिल्ली: मृत लड़की के पिता ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप, अदालत ने एनडीएमसी से मांगा जवाब

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से उस व्यक्ति की याचिका पर जवाब मांगा है, जिसने एनडीएमसी के संबद्ध अस्पताल को काली सूची में डालने का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी “घोर लापरवाही” के कारण 2011 में उसकी 10 वर्षीय बेटी की मौत हो गई।

नयी दिल्ली, 12 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से उस व्यक्ति की याचिका पर जवाब मांगा है, जिसने एनडीएमसी के संबद्ध अस्पताल को काली सूची में डालने का अनुरोध करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी “घोर लापरवाही” के कारण 2011 में उसकी 10 वर्षीय बेटी की मौत हो गई।

एनडीएमसी ने घटना के बाद अस्पताल की उस शाखा के साथ अनुबंध समाप्त कर दिया था, लेकिन परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी याचिकाकर्ता प्रमोद कुमार चौधरी ने एनडीएमसी से सभी शाखाओं को पैनल से हटाने की मांग की क्योंकि समझौते में सिर्फ एक शाखा के अनुबंध को समाप्त करने का कोई प्रावधान नहीं है।

चौधरी ने अस्पताल के एक पूर्व निदेशक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के लिए भी कहा है, जिन्होंने कथित तौर पर अस्पताल का पक्ष लेने और उनके खिलाफ आपराधिक मामले को बंद करने में मदद की थी।

अस्पताल की सभी शाखाएं परिषद के पैनल में हैं।

चौधरी ने 21 अक्टूबर, 2011 में अपनी बेटी रितु कुमारी को डेंगू बुखार के इलाज के लिए पश्चिमी दिल्ली में आरएलकेसी मेट्रो हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट की पांडव नगर शाखा में भर्ती कराया, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की खंडपीठ ने 28 अप्रैल को एनडीएमसी, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और आरएलकेसी मेट्रो अस्पताल को नोटिस जारी किया और उन्हें आठ सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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