देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने कोचिंग सेंटर मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सीबीआई से जवाब मांगा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद उस कोचिंग सेंटर के चार सह-मालिकों की जमानत याचिकाओं पर बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक नोटिस जारी किया, जिसके ‘बेसमेंट’ में हाल में पानी भर जाने के कारण सिविल सेवा परीक्षा के तीन अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी।
नयी दिल्ली, सात अगस्त दिल्ली की एक अदालत ने जेल में बंद उस कोचिंग सेंटर के चार सह-मालिकों की जमानत याचिकाओं पर बुधवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक नोटिस जारी किया, जिसके ‘बेसमेंट’ में हाल में पानी भर जाने के कारण सिविल सेवा परीक्षा के तीन अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने केंद्रीय जांच एजेंसी को नौ अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। उस दिन अदालत चार आरोपियों -- परविंदर सिंह, तेजिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और सरबजीत सिंह की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
अदालत ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि चूंकि प्राथमिकी की प्रति अदालत के समक्ष पेश नहीं की गई है, इसलिए वह आरोपी व्यक्तियों की जमानत याचिकाओं पर फैसला नहीं कर सकती।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित कोचिंग सेंटर की इमारत के ‘बेसमेंट’ में तीन अभ्यर्थियों की मौत हो जाने से संबंधित मामले की जांच पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी।
सरकारी वकील ने न्यायाधीश चंदना को बताया कि दिल्ली पुलिस से मामले को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और एजेंसी ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया है। इसके बाद, न्यायाधीश ने सीबीआई को नोटिस जारी किया।
इस बीच, आरोपी व्यक्तियों की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने कानून से बचने की कोशिश नहीं की, बल्कि वे घटना का पता लगने के बाद 28 जुलाई को जांच में शामिल होने के लिए स्वेच्छा से पुलिस थाने गए थे।
उन्होंने न्यायाधीश को बताया कि चारों आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से मौत की जो धाराएं लगाई गई हैं, वे विरोधाभासी हैं।
आरोपियों के वकील ने कहा कि वे सिर्फ जमीन के मालिक हैं और उन्होंने इमारत राऊज आईएएस सर्किल कोचिंग सेंटर को पट्टे पर दी थी।
उन्होंने कहा कि चूंकि अब तक सीबीआई ने मामला दर्ज नहीं किया है, इसलिए "अदालत अंतरिम राहत दे सकती है।”
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