देश की खबरें | दिल्ली की अदालत ने हत्या, आपराधिक धमकी के आरोप से व्यक्ति को बरी किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी की एक निचली अदालत ने सात साल पुराने हत्या और आपराधिक धमकी के मामले में एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया कि जांच ‘बहुत ही घटिया’ थी और अभियोजन पक्ष आरोपों को उचित संदेह से परे स्थापित करने में ‘बुरी तरह विफल’ रहा है।
नयी दिल्ली, सात मई राष्ट्रीय राजधानी की एक निचली अदालत ने सात साल पुराने हत्या और आपराधिक धमकी के मामले में एक आरोपी को यह कहते हुए बरी कर दिया कि जांच ‘बहुत ही घटिया’ थी और अभियोजन पक्ष आरोपों को उचित संदेह से परे स्थापित करने में ‘बुरी तरह विफल’ रहा है।
अदालत राज योग सैनिक फार्म एन्क्लेव के पास 14 मई, 2016 को मंजीत नामक व्यक्ति की चाकू गोदकर हत्या करने के आरोपी शिवम के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रही थी। उस पर चश्मदीद गवाह गोविंदा को आपराधिक रूप से डराने का भी आरोप लगाया गया था।
आरोपी के पास से बिना परमिट वाला एक बड़ा चाकू बरामद किया गया।
हाल ही के एक फैसले में, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाली शर्मा ने कहा, "... रिकॉर्ड पर मौजूद समग्र सबूतों को ध्यान में रखते हुए, मुझे यह मानने में कोई झिझक नहीं है कि अभियोजन पक्ष आरोपी शिवम के खिलाफ लगाए गए अपराधों को रिकॉर्ड के जरिये उचित संदेह से परे साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है और अभियुक्त शिवम को दोषी ठहराने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सबूत नहीं हैं।"
न्यायाधीश ने आगे कहा, "आरोपी शिवम को संदेह का लाभ देते हुए उसके खिलाफ लगाए गए अपराधों से बरी किया जाता है।"
रणहोला पुलिस थाने ने शिवम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 506-दो तथा शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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