नयी दिल्ली, 28 जुलाई दिल्ली के सेवा मामलों पर एक अध्यादेश को बदलने के लिए संसद में लंबित एक विधेयक का हवाला देते हुए, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार शाम को प्रस्तावित राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण (एनसीसीएसए) की बैठक को पांचवीं बार स्थगित कर दिया।
प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि इसका असर शहर के प्रशासन पर पड़ेगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एनसीसीएसए के सचिव एवं प्रधान सचिव (गृह) अश्विनी कुमार को भेजे गए एक नोट में कहा गया है कि शाम पांच बजे होने वाली एनसीसीएसए की बैठक स्थगित कर दी गई है।
कुमार ने इसका जवाब देते हुए कहा कि प्रशासन को ऐसे समय में ‘‘पंगु नहीं बनाया जा सकता’’ जब शहर यमुना नदी में बाढ़ से जूझ रहा है और आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन के साथ-साथ संबंधित कार्यक्रमों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।
विभिन्न नियमों का हवाला देते हुए, एनसीसीएसए सचिव ने प्रस्ताव दिया कि बैठक निर्धारित समय पर हो सकती है। हालांकि, बैठक नहीं हुई, अधिकारियों ने पुष्टि की है।
एनसीसीएसए सचिव ने कहा कि प्राधिकरण की आखिरी बैठक 29 जून को हुई थी, और तब से इसे मुख्यमंत्री द्वारा चार बार स्थगित किया जा चुका है।
दिल्ली सरकार के सूत्रों ने ‘‘उनके द्वारा लिखे गए पत्र की ’’ के लिए अश्विनी कुमार की आलोचना करते हुए कहा कि यह असभ्य है और खुले विद्रोह के समान है।
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