देश की खबरें | दिल्ली: स्वास्थ्य पर कैग रिपोर्ट पीएसी को भेजी गई

नयी दिल्ली, तीन मार्च दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर कैग की रिपोर्ट को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा और इसे ‘‘व्यापक भ्रष्टाचार का पर्दाफाश’’ बताया।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट समीक्षा के लिए लोक लेखा समिति (पीएसी) को भेज दी गई है तथा इसके निष्कर्ष तीन महीने में आने की उम्मीद है।

दिल्ली विधानसभा में सोमवार को गुप्ता के संबोधन के दौरान काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह को कार्यवाही में बाधा डालने के लिए मार्शलों द्वारा बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद आप के सभी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया।

दिल्ली की पूर्ववर्ती आप सरकार पर दिल्ली की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए गुप्ता ने कहा, ‘‘उनकी सरकार के तहत हर विभाग खस्ताहाल था और उसे सुधार की जरूरत थी। 'मोहल्ला क्लीनिक' भ्रष्टाचार का अड्डा बन गए थे, जहां न चिकित्सक थे, न दवाइयां और न ही मरीज।’’

उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य विभाग में कई पद रिक्त हैं। उन्होंने महंगे दामों पर उपकरण खरीदे, और उनमें से अधिकांश अभी भी भंडारण में बिना इस्तेमाल के पड़े हैं।’’

अस्पतालों में आवश्यक कर्मचारियों की कमी का आरोप लगाते हुए गुप्ता ने कहा कि 2,186 नर्सिंग पद रिक्त हैं और महंगी चिकित्सा मशीनें आईसीयू और सीसीयू में इस्तेमाल होने के बजाय गोदामों में धूल खा रही हैं।

गुप्ता ने दावा किया, ‘‘मोहल्ला क्लीनिकों में फर्जी मरीजों को दर्ज किया गया, फर्जी मेडिकल टेस्ट किए गए, भुगतान में हेराफेरी की गई और कई अस्पताल बंद कर दिए गए। अस्पताल की सफाई के ठेकों में भी घोटाला हुआ।’’

दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र पर 2016-17 से 2021-22 तक की कैग रिपोर्ट गुप्ता ने 28 फरवरी को विधानसभा में पेश की थी। इसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा खर्च में कई अनियमितताओं को उजागर किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘रिपोर्ट में कई विसंगतियां सामने आई हैं। इसे अब पीएसी को भेज दिया गया है, जो तीन महीने के भीतर अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करेगी। इसके अतिरिक्त, विधानसभा सचिवालय रिपोर्ट को स्वास्थ्य विभाग को भेजेगा, जिसे एक महीने के भीतर कार्रवाई नोट प्रस्तुत करना होगा।’’

गुप्ता ने आप विधायकों के बहिर्गमन की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। वे बहिर्गमन इसलिए कर गए क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें कठिन सवालों का जवाब देना है और वे ऐसा करने से डरते हैं।’’

उन्होंने आप की वरिष्ठ नेता आतिशी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, "(अरविंद) केजरीवाल का उन्हें (आतिशी) आंख मूंदकर समर्थन नहीं करना चाहिए। किसे पता है कि केजरीवाल कहां गायब हो गए हैं?’’

आप में "आंतरिक उथल-पुथल" पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने स्वाति मालीवाल की घटना का उल्लेख किया और कहा, "मुझे उम्मीद है कि आतिशी के साथ ऐसा कुछ नहीं होगा।"

कभी केजरीवाल की भरोसेमंद सहयोगी रहीं मालीवाल हाल के दिनों में उनकी सबसे मुखर आलोचकों में से एक बन गई हैं। उनके बीच मतभेद पिछले साल मई में शुरू हुआ जब मालीवाल ने केजरीवाल के करीबी सहयोगी बिभव कुमार पर पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया।

विधानसभा में गुप्ता ने घोषणा की कि अगले सत्र में दिल्ली नर्सिंग होम पंजीकरण अधिनियम की जगह ‘क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट’, 2010 को लागू किया जाएगा।

महिलाओं को 2,500 रुपये मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने के भाजपा के चुनावी वादे पर गुप्ता ने कहा, "आप को हमसे यह सवाल नहीं करना चाहिए कि हम महिलाओं को 2,500 रुपये कब प्रदान करेंगे। हम निश्चित रूप से अपना वादा पूरा करेंगे, आप इस पर हमसे सवाल करने के लायक नहीं है।’’

कैग रिपोर्ट को पीएसी को भेजने के अलावा, विधानसभाध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग को एक महीने के बाद कार्रवाई नोट पेश करने का निर्देश भी दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘कैग ने अपनी रिपोर्ट में कई विसंगतियां उठाई हैं, जिसे लोक लेखा समिति को भेजा जाएगा। यह तीन महीने में एक रिपोर्ट पेश करेगी। दिल्ली सचिवालय भी तुरंत स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजेगा, जो एक महीने के बाद कार्रवाई नोट पेश करेगा।’’

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद, नव-निर्वाचित आठवीं दिल्ली विधानसभा के पहले सत्र को विधानसभाध्यक्ष ने अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)