देश की खबरें | दिल्ली भाजपा ने महापौर चुनाव में 'बाधा डालने' के लिए ‘आप’ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेताओं, पार्षदों, सांसदों और विधायकों ने यहां आम आदमी पार्टी (आप) के दफ्तर के पास प्रदर्शन किया और उसपर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन की बैठक में महापौर के चुनाव में बाधा डालने का आरोप लगाया।
नयी दिल्ली, सात फरवरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेताओं, पार्षदों, सांसदों और विधायकों ने यहां आम आदमी पार्टी (आप) के दफ्तर के पास प्रदर्शन किया और उसपर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन की बैठक में महापौर के चुनाव में बाधा डालने का आरोप लगाया।
एमसीडी सदन अपने महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के सदस्यों को चुनने में एक महीने में तीसरी बार सोमवार को नाकाम रहा। महापौर चुनाव में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षदों) को वोट देने की अनुमति देने के फैसले को लेकर सदन में हंगामा हुआ। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित ‘आप’ मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी आंतरिक कलह के कारण महापौर के चुनाव में देरी कर रही है।
उन्होंने कहा, “आप के पार्षदों और नेताओं ने गुंडागर्दी का सहारा लिया और सदन के अंदर संवैधानिक मानदंडों को तोड़ा। उन्होंने पीठासीन अधिकारी का माइक छीन लिया, हंगामा किया, मेज़ पर चढ़ गए और भाजपा की महिला पार्षदों को घायल किया और अब कह रहे हैं कि महापौर का चुनाव नहीं हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि ‘आप’ को 'गुंडागर्दी' छोड़ने की जरूरत है, जो दिल्ली को 'बर्बाद' कर रही है।
पश्चिमी दिल्ली से भाजपा सांसद परवेश साहिब सिंह वर्मा ने एल्डरमैन (मनोनीत पार्षदों) को वोट देने के अधिकार दिए जाने का विरोध करने को लेकर ‘आप’ पर निशाना साधते हुए कहा कि कहीं भी यह नहीं लिखा है कि वे महापौर के चुनाव में वोट नहीं दे सकते।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि ‘आप’ पार्षदों ने ‘आप’ संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इशारे पर एमसीडी के सदन में हंगामा किया।
दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सदन की बैठक में चुनाव के दौरान अपनी पार्टी में 'विभाजन' को लेकर 'चिंतित' हैं क्योंकि पार्टी ने महापौर और उपमहापौर पदों के लिए दो-दो उम्मीदवार उतारे हैं।
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