नयी दिल्ली, 16 जून दिल्ली भाजपा कार्यकर्ता नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के बांग्लादेश स्थित पैतृक घर पर हमले और तोड़फोड़ के विरोध में सोमवार को चाणक्यपुरी स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के पास एकत्र हुए।
सिराजगंज जिले में स्थित कचहरीबाड़ी टैगोर परिवार का पैतृक घर और राजस्व कार्यालय है। टैगोर ने अपनी कई साहित्यिक कृतियां इसी हवेली में रहते हुए रची थीं।
इस महीने की शुरुआत में एक भीड़ ने जिले में टैगोर के पैतृक घर पर हमला किया और तोड़फोड़ की।
प्रदर्शनकारी तीन मूर्ति चौक स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय के पास एकत्र हुए और पुलिस अवरोधक तोड़ते हुए बांग्लादेश उच्चायोग की ओर बढ़े, जहां उन्हें हिरासत में लिया गया और चाणक्यपुरी पुलिस थाने ले जाया गया।
पार्टी ने एक बयान में कहा कि उन्हें लगभग 30 मिनट बाद चेतावनी देकर रिहा कर दिया गया।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चंदोलिया ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने बताया कि दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा को कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया।
लोकप्रिय गायिका सपना चौधरी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
सचदेवा ने कहा, "रवींद्रनाथ टैगोर एक महान व्यक्ति थे जिनके लिखे राष्ट्रगान भारत और बांग्लादेश दोनों में गाए जाते हैं। उनके पैतृक घर को जानबूझकर नष्ट करना सिर्फ एक इमारत पर हमला नहीं है - यह बांग्ला संस्कृति और हिंदू विरासत पर हमला है।"
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार, विशेष रूप से टैगोर के पैतृक घर को नष्ट करने का जानबूझकर किया जा रहा प्रयास "अस्वीकार्य" है।
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