नयी दिल्ली, पांच नवंबर राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में रविवार को ‘संविधान बचाओ’ रैली में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
आयोजकों की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, रैली में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के कार्यान्वयन और जाति जनगणना जैसे विभिन्न मुद्दे उठाए गये।
रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि नई पेंशन योजना के खिलाफ लाखों कर्मचारियों ने रामलीला मैदान में रैलियां की थीं।
बयान में उदित राज के हवाले से कहा गया, ‘‘ओपीएस के तहत पेंशन के रूप में हजारों रुपये मिला करते थे, लेकिन नई पेंशन प्रणाली ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भिखारी बना दिया है और उनमें से अधिकांश को जीवनयापन के लिए रुपये तक नहीं मिल रहे हैं। या तो यह सरकार रहेगी या ओपीएस, दोनों एक साथ नहीं रह सकते।’’
राज ने आरोप लगाया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 10 वर्षों के कार्यकाल में दलितों और आदिवासियों ने आजादी के बाद से मिल रही सुविधाओं को खो दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) जनता के पैसे से बने हैं और उनका निजीकरण किया जा रहा है, उनको खत्म किया जा रहा है और पूंजीपतियों को बेचा जा रहा है। राज के अनुसार, इसने सरकारी नौकरियों को खत्म कर दिया है और इस प्रकार, सबसे अधिक प्रभावित दलित और आदिवासी हैं, इतना ही नहीं, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बाहर रखा गया है और इसका कारण निजीकरण है।
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