जरुरी जानकारी | मांग कमजोर रहने से सरसों, सोयाबीन में गिरावट, मूंगफली में मांग निकलने से सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच मांग कमजोर पड़ने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों, सोयाबीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट रही, जबकि मांग निकलने से मूंगफली तेल तिलहन में सुधार रहा। मलेशिया एक्सचेंज बंद रहने से सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव पूर्ववत रहे।

नयी दिल्ली, 10 अगस्त विदेशी बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच मांग कमजोर पड़ने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को सरसों, सोयाबीन और बिनौला तेल कीमतों में गिरावट रही, जबकि मांग निकलने से मूंगफली तेल तिलहन में सुधार रहा। मलेशिया एक्सचेंज बंद रहने से सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव पूर्ववत रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज मंगलवार को बंद रहा जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में आधा प्रतिशत की तेजी रही। इसका कारोबार पर मिला जुला असर दिखाई दिया।

सूत्रों ने कहा कि मांग कमजोर रहने से सरसों तेल तिलहन में नरमी है लेकिन बाजार में सरसों की आवक कम हुई। राजस्थान के भरतपुर में सरसों के भाव टूटने से वहां जो आवक 6,000 बोरी की थी वह घटकर लगभग 1,000 बोरी रह गई। किसान सस्ते भाव पर माल नहीं बेच रहे।

उन्होंने कहा कि किसानों के पास अब सरसों का उतना स्टॉक नहीं है जितना कुछ विशेषज्ञ अनुमान जता रहे हैं क्योंकि किसान ज्यादातर माल ऊंची कीमत पर बेच चुके हैं। जो कुछ स्टॉक है वह थोड़ा बहुत किसानों के ही पास है जो थोड़ी थोड़ी मात्रा में बाजार में स्टॉक निकाल रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि सहकारी संस्था हाफेड और नाफेड को अब भी कुछ सरसों का स्टॉक बना लेना चाहिये जिससे आगामी मांग को पूरा किया जा सके।

सूत्रों ने कहा कि सरकार ने खाद्य तेल तिलहनों के उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता खत्म करने का जो संकल्प जताया है उससे किसान सहित तेल जगत के सभी अंशधारकों में काफी उत्साह है।

उन्होंने कहा कि पशु चारे और मुर्गीदाने की कमी को देखते हुए सरकार ने सोयाबीन तेल रहित खल (डीओसी) के आयात की जो अनुमति प्रदान की है, वह एक वाजिब कदम है लेकिन अगर सोयाबीन दाने का आयात किया जाता तो देश में तेल के साथ साथ सोयाबीन डीओसी की जरुरत भी पूरी होती और घरेलू तेल उद्योग को काम भी मिलता।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 7,775 - 7,825 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 6,395 - 6,540 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,235 - 2,365 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,495 -2,545 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,580 - 2,690 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,100 - 17,600 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,800 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,750 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,335 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,650 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,000 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,400 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,300 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 8,700 - 8,800, सोयाबीन लूज 8,550 - 8,600 रुपये

मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये

राजेश

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