जरुरी जानकारी | सुब्रमण्यन की सेवाएं समाप्त करने का फैसला भारत सरकार काः आईएमएफ

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने सोमवार को कहा कि उसके कार्यकारी निदेशक के वी सुब्रमण्यन की सेवाएं समाप्त करने का फैसला भारत सरकार ने किया था।

नयी दिल्ली, पांच मई अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने सोमवार को कहा कि उसके कार्यकारी निदेशक के वी सुब्रमण्यन की सेवाएं समाप्त करने का फैसला भारत सरकार ने किया था।

भारत ने सुब्रमण्यन की सेवाएं उनके तीन साल का कार्यकाल पूरा होने से छह महीने पहले ही खत्म कर दी हैं। वह 30 अप्रैल, 2025 को सेवा मुक्त हो गए।

हालांकि, सुब्रमण्यन के आईएमएफ से हटने के कारणों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

आईएमएफ के प्रवक्ता ने इस बारे में संपर्क किए जाने पर कहा, ''कार्यकारी बोर्ड के किसी भी सदस्य की नियुक्ति और कार्यकाल समाप्ति के बारे में फैसला उनका देश करता है। इस तरह कार्यकारी निदेशक के रूप में सुब्रमण्यन के कार्यकाल को खत्म करने का फैसला भारत सरकार का है। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं और उनके उत्तराधिकारी के साथ काम करने के लिए तत्पर हैं।''

सूत्रों के मुताबिक, सुब्रमण्यन की नई किताब 'इंडिया एट 100: एनविजनिंग टुमॉरोज इकोनॉमिक पावरहाउस' के प्रचार से संबंधित ''कथित अनियमितता'' पर चिंता जताई गई थी।

यह भी आरोप है कि सुब्रमण्यन ने अपनी आधिकारिक स्थिति का इस्तेमाल करके कुछ संस्थानों पर अपनी किताब खरीदने के लिए दबाव भी बनाया।

आईएमएफ का कार्यकारी बोर्ड सदस्य देशों या देशों के समूहों द्वारा चुने गए 25 निदेशकों (कार्यकारी निदेशकों या ईडी) से बना है।

भारत चार देशों के निर्वाचन क्षेत्र में शामिल है, जिसमें उसके साथ बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान सदस्य हैं।

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