विदेश की खबरें | परमाणु समझौते पर फैसला अब ईरान के हाथों में है : अमेरिका
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि अमेरिका ने वर्ष 2015 के एतिहासिक परमाणु समझौते में फिर से शामिल होने के लिए तैयार की गई रियायतों की सूची सामने रख दी है।
शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि अमेरिका ने वर्ष 2015 के एतिहासिक परमाणु समझौते में फिर से शामिल होने के लिए तैयार की गई रियायतों की सूची सामने रख दी है।
अधिकारी ने कहा कि सफलता या विफलता अब ईरान पर निर्भर करती है कि वह इन रियायतों को स्वीकार करने और समझौते के तहत अनुपालन की तरफ लौटने का क्या राजनीतिक फैसला लेता है।
अधिकारी ने वियना में वार्ता फिर से शुरू होने की पूर्व संध्या पर विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में संवाददाताओं से यह बात कही।
अधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर इन गोपनीय वार्ताओं के चौथे चरण में अमेरिका की स्थिति पर बात की,जहां परमाणु समझौते के शेष प्रतिभागी अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच संदेशों को एक तरफ से दूसरी तरफ पहुंचा रहे हैं।
ये टिप्पणियां विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन द्वारा यूक्रेन यात्रा के दौरान ईरान के हठ करने की शिकायत के बाद आई हैं।
ब्लिंकेन ने कीव में एनबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “हमें यह नहीं पता कि ईरान परमाणु समझौते में पूर्ण अनुपालन के साथ लौटने के लिए तैयार है या नहीं।”
ईरान ने अब तक इस बात के संकेत नहीं दिए हैं कि वह समझौते के अनुपालन के लिए ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने पर ही सहमत होगा और उन सुझावों को भी टालता रहा है जिसमें उसे उल्लंघन करने वाले सारे कदमों को सुधारने को कहा गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)