गतिरोध समाप्त : कांग्रेस की बसें राजस्थान-उप्र सीमा से वापस लौटीं
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार फंसे हुए प्रवासी कामगारों की घर वापसी के लिए मदद का उपयोग नहीं करना चाहती तो पार्टी उन 1,000 बसों को वापस ले रही है जिनकी व्यवस्था उसने की थी।
लखनऊ : जयपुर : नयी दिल्ली, 20 मई कांग्रेस द्वारा प्रवासी कामगारों के लिए राजस्थान-उत्तर प्रदेश सीमा पर भेजी गयी सैकड़ों बसें बुधवार शाम से लौटने लगीं। बसों की वापसी को उत्तर प्रदेश सरकार के साथ पार्टी का विवाद खत्म होने का संकेत माना जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की गिरफ्तारी भी हुयी।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार फंसे हुए प्रवासी कामगारों की घर वापसी के लिए मदद का उपयोग नहीं करना चाहती तो पार्टी उन 1,000 बसों को वापस ले रही है जिनकी व्यवस्था उसने की थी।
उन्होंने कहा कि बसें शाम चार बजे तक उत्तर प्रदेश की सीमा पर रहेंगी। उस समय तक बसों को आए हुए 24 घंटे हो जाएंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ यदि आप उनका उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो कोई बात नहीं है। हम उन्हें वापस भेज देंगे।”
उन्होंने कहा कि पार्टी ने कुछ दिन पहले भी कुछ बसों को वापस कर दिया था।
उनका संदेश मंगलवार की रात दी गयी चार बजे की समय सीमा समाप्त होने से कुछ मिनट पहले आया।
उसके करीब डेढ़ घंटे बाद राजस्थान के भरतपुर जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि बसें सीमा से वापस लौटने लगी हैं।
बाद में लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता लल्लन कुमार ने इसकी पुष्टि की।
प्रवासी मजदूरों के लिए बसें चलाने की पेशकश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रदेश मुख्यालय पर धरना दिया।
लल्लन कुमार ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पर बैनर और पोस्टरों के साथ धरना दिया। अन्य जिलों में भी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया।
कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को गिरफ्तार किये जाने का भी विरोध किया।
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