देश की खबरें | डीडीएमए ने अंतिम तीन ‘कोविड देखभाल केंद्र’ बंद करने की दी अनुमति
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नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शहर में बचे तीन ‘कोविड देखभाल केंद्र’ को भी बंद करने की अनुमति दे दी है, हालांकि इसने त्योहारों के मद्देनजर कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने पर भी जोर दिया है।
डीडीएमए ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 संबंधी स्थिति पर चर्चा करने के लिए 22 सितंबर को एक बैठक की थी।
बैठक के ब्योरे के मुताबिक, दिल्ली के उप राज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा कि टीकाकरण अभियान में दिल्ली अब भी बेहतर कर सकता है। उप राज्यपाल डीडीएमए के अध्यक्ष हैं।
बैठक के दौरान साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, शहर में 20 सितंबर तक केवल 31.49 लाख लोगों ने एहतियाती खुराक लगवाई थी, जबकि इसके लिए कुल 1.33 करोड़ लोग पात्र हैं।
सक्सेना ने कहा कि आने वाले दिनों में कई त्योहारों के मद्देनजर लगातार सतर्कता बढ़ाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा समय है जब लोग कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों की अनदेखी कर सकते हैं।
बैठक के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, सक्सेना ने कहा, ‘‘कोविड-19 संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना और लोगों को इसे लेकर जागरूक करना जरूरी है।’’
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में बुधवार को कोविड के 96 मामले मिले और संक्रमण दर 1.42 फीसदी रही।
डीडीएमए ने अस्पताल में संविदा पर रखे गए कर्मियों की सेवा को 31 दिसंबर तक बढ़ाने की इजाजत दे दी।
मार्च 2020 में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच अस्पतालों को उस वर्ष जून तक, स्वीकृत संख्या के अलावा, 25 प्रतिशत तक नर्सिंग और सफाई कर्मियों को संविदा पर नियुक्त करने की अनुमति दी गई थी।
इसके बाद, कोविड अस्पतालों को भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त चिकित्सकों और 40 प्रतिशत अधिक नर्स नियुक्त करने की अनुमति दी गई।
कोविड और गैर-कोविड अस्पतालों में उनकी सेवाएं इस साल 30 जून तक बढ़ा दी गई थीं।
स्वास्थ्य सचिव ने कोविड अस्पतालों में स्वीकृत पदों पर संविदा के आधार पर रखे गए कर्मियों की सेवा को 31 मार्च 2023 तक बढ़ाने का आग्रह किया था।
डीडीएमए को सूचित किया गया कि कोविड के दौरान तीन अस्पताल स्थापित किए गए थे, लेकिन उस वक्त कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे, इसलिए इन अस्पतालों के लिए कर्मचारियों को दूसरे अस्पतालों से लाया गया था।
इस वजह से अन्य अस्पतालों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
बैठक के ब्योरे के अनुसार, ‘‘इस परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत पदों पर संविदा के आधार पर रखे गए कर्मियों की सेवा 31 मार्च 2023 तक बढ़ायी जाए। उपराज्यपाल ने कहा कि संविदा के आधार पर कर्मचारियों को नियुक्त करने को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।’’
बैठक में डीडीएमए ने छतरपुर में राधा स्वामी सत्संग और बुराड़ी में सावन कृपाल तथा संत निरंकारी की भूमि पर बनाए गए ‘कोविड देखभाल केंद्रों’ को बंद करने और उनकी जमीन खाली करने की अनुमति दी, साथ चिकित्सकीय उपकरणों को उन अस्पतालों को देने का निर्देश दिया गया है, जहां इनकी जरूरत है।
राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण शहर में 11 ‘कोविड देखभाल केंद्र’ बनाए गए थे। इनमें से एक केंद्र सरकार और बाकी 10 दिल्ली सरकार द्वारा संचालित किए जाते थे। संक्रमण के मामले कम होते देख इन तीन के अलावा बाकी केंद्र पहले ही बंद कर दिए गये थे।
ब्योरे के अनुसार, बैठक में दिल्ली के उप राज्यपाल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संबंधित संगठनों को जमीन सौंपने की अपनी मंजूरी दे दी है, लेकिन जोर देकर कहा कि उपकरणों के संबंध में एक उचित सूची तैयार की जानी चाहिए।
सक्सेना ने कहा कि उपकरणों के सुरक्षित भंडारण की उचित योजना भी तैयार की जाए।
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