जरुरी जानकारी | डीसीएम श्रीराम ने जल-उपयोग दक्षता चुनौती के लिए चार कृषि स्टार्टअप को चुना

नयी दिल्ली, 26 अगस्त चार कृषि स्टार्टअप कंपनियों ईएफ पॉलिमर, कल्टीवेट, इंडस्टिल और फाइफार्म - को डीसीएम श्रीराम एजीवॉटर चैलेंज के अंतिम दौर में भाग लेने के लिए चुना गया है। इसका उद्देश्य जल-उपयोग दक्षता के साथ-साथ फसल की पैदावार में सुधार करना है।

डीसीएम श्रीराम के बयान के अनुसार, प्रतिस्पर्धा का अंतिम दौर अगले महीने शुरू होगा और विजेता की घोषणा फरवरी, 2025 में की जाएगी। विजेता को दो करोड़ रुपये मिलेंगे।

यह चुनौती पिछले साल जून में डीसीएम श्रीराम फाउंडेशन द्वारा ‘द नज इंस्टिट्यूट के सेंटर फॉर सोशल इनोवेशन और प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के कार्यालय के सहयोग से शुरू की गई थी।

प्रतियोगिता में 14 अग्रणी तकनीकों को एक साथ लाया गया, जिसका उद्देश्य भारत के छोटे किसानों, विशेष रूप से धान, गेहूं, गन्ना और कपास की खेती करने वालों के लिए जल उपयोग दक्षता को बदलना और उत्पादकता बढ़ाना है।

ईएफ पॉलिमर जैव-आदानों में विशेषज्ञता रखती है जो मिट्टी की नमी को बनाए रखने में मदद करता है, जबकि कल्टीवेट खेती में पानी के उपयोग को अनुकूलित करने के लिए उन्नत सलाहकार सेवाएं प्रदान करती है। इंडस्टिल सटीक जल प्रबंधन के लिए सिंचाई प्रणालियों के स्वचालन क्षेत्र में है, जबकि फायफार्म कृषि में जल दक्षता बढ़ाने के लिए मापनयोग्य समाधान विकसित करती है।

ये चार संगठन चुनौती के अंतिम दौर में पहुँच गए हैं और प्रत्येक को 15-15 लाख रुपये का ‘‘माइलस्टोन अनुदान’’ मिलेगा।

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