देश की खबरें | चक्रवात ‘दाना’ से पश्चिम बंगाल में नहीं हुई ज्यादा तबाही, सरकार अब भी ‘हाई अलर्ट’ पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इस बार भीषण चक्रवात ‘दाना’ से पश्चिम बंगाल में ‘अम्फान’ और ‘बुलबुल’ जैसे पिछले तूफानों जैसी बड़े पैमाने पर तबाही तो नहीं हुई लेकिन उसके कारण तटबंध टूट गये और मूसलाधार बारिश हुई जिससे दक्षिणी क्षेत्रों में संपत्ति का काफी नुकसान हुआ और शुक्रवार सुबह तूफान के गुजर जाने के बाद भी प्रशासन ‘हाई अलर्ट’ पर रहा।

कोलकाता, 25 अक्टूबर इस बार भीषण चक्रवात ‘दाना’ से पश्चिम बंगाल में ‘अम्फान’ और ‘बुलबुल’ जैसे पिछले तूफानों जैसी बड़े पैमाने पर तबाही तो नहीं हुई लेकिन उसके कारण तटबंध टूट गये और मूसलाधार बारिश हुई जिससे दक्षिणी क्षेत्रों में संपत्ति का काफी नुकसान हुआ और शुक्रवार सुबह तूफान के गुजर जाने के बाद भी प्रशासन ‘हाई अलर्ट’ पर रहा।

चक्रवात के बाद प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तूफान के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई, हालांकि प्रशासन ने निचले इलाकों से लगभग 2.16 लाख लोगों को पहले ही निकाल लिया था।

बनर्जी ने स्थिति पर नजर रखने के लिए रात यहां राज्य सचिवालय में ही बिताया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चक्रवात से प्रभावित सभी लोगों तक राहत सामग्री पहुंचे।

बनर्जी ने कहा, ‘‘इस प्राकृतिक आपदा में एक व्यक्ति की मौत हुई है। उस व्यक्ति की अपने घर पर केबल से संबंधित कुछ काम करते समय मौत हो गयी। यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। पोस्टमार्टम से हमें स्पष्ट तस्वीर मिलेगी। अगर जरूरत पड़ी तो हम (राज्य सरकार) परिवार की मदद करेंगे।’’

राज्य में हाल में आई बाढ़ के बाद कृषि विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कृषि भूमि का एक और सर्वेक्षण शुरू करें ताकि चक्रवात ‘दाना’ से हुए नुकसान का पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री ने उन्हें किसानों को फसल बीमा से धनराशि दिलाने में मदद करने के लिए क्षतिग्रस्त खेतों की सूची तैयार करने को कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम 48 घंटे तक अपने-अपने तैनाती क्षेत्रों में डटी रहें।

जैसा कि मौसम विभाग ने अनुमान लगाया था, पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के तटीय जिलों में तूफान का सबसे बुरा असर देखने को मिला।

जिला प्रशासन के शुरुआती अनुमानों से पता चला है कि पूर्वी मेदिनीपुर में लगभग 350-400 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए, साथ ही लगभग 250 पेड़ उखड़ गए और बिजली के 175 खंभे गिर गए।

कई रिपोर्ट से पता चला है कि दक्षिण 24 परगना में समुद्री पानी की वजह से मिट्टी के तटबंध टूट गए हैं। प्रशासन के शुरुआती अनुमानों से पता चला है कि तूफान के दौरान पूरे जिले में लगभग 300 कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए और बिजली के लगभग 50 खंभे उखड़ गए।

गंगासागर में कपिल मुनि मंदिर परिसर समुद्र के पानी से जलमग्न हो गया। सागर द्वीप में कई पेड़ उखड़ गए और उच्च ज्वार के कारण जल स्तर एक मीटर तक बढ़ जाने से निचले इलाकों में बाढ़ आ गई।

ऐसी आशंका है कि चक्रवात दाना से कृषि, विशेषकर चावल की खेती पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है, क्योंकि धान के खेत वाले क्षेत्र जलमग्न हो गए तथा खड़ी फसल पानी में डूब गई।

पश्चिम मेदिनीपुर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने चक्रवात से हुई अतिरिक्त क्षति पर चिंता व्यक्त की। पहले भी वे हाल की बाढ़ से नुकसान उठा चुके हैं।

अलीपुर स्थित क्षेत्रीय मौसम विभाग के अनुसार, कोलकाता में शुक्रवार पूर्वाह्न 11.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई।

शहर के दक्षिणी और मध्य भागों में कई मुख्य मार्गों पर घुटनों तक पानी भर जाने से भवानीपुर, न्यू मार्केट, हाजरा, धर्मतला और बेहाला इलाकों में यातायात बाधित हुआ।

शहर के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में थंथनिया कालीबाड़ी, महात्मा गांधी रोड, बहुबाजार, वीआईपी रोड, पार्क सर्कस, दमदम और न्यू टाउन के विभिन्न हिस्सों से भी जलभराव खबरें हैं।

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) मुख्यालय के अंदर भारी जलजमाव नजर आया। राज्य के प्राथमिक रेफरल अस्पतालों में से एक एसएसकेएम अस्पताल में मरीज, कर्मचारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता जलभराव के बीच से जाते दिखे। ऐेसे में जल जनित संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गयी है।

महापौर फिरहाद हकीम ने केएमसी नियंत्रण कक्ष से रात भर स्थिति पर नजर रखी। उन्होंने कहा कि हुगली नदी में उच्च ज्वार और लगातार बारिश के कारण जल निकासी के प्रयास धीमे हो सकते हैं।

निर्धारित कार्य दिवस के बावजूद, शहर में सड़कें काफी हद तक सुनसान दिखीं और लोगों ने दिन में भारी बारिश की आशंका के चलते एहतियात के तौर पर घरों के अंदर ही रहना पसंद किया। कोलकाता के अलावा, दक्षिणी बंगाल के बड़े इलाकों में भी रात भर भारी बारिश हुई।

मौसम विभाग ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे तक दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर और सागर द्वीप में क्रमशः 93 (मिलीमीटर) मिमी और 89.6 मिमी बारिश हुई।

पूर्व मेदिनीपुर के कलाईकुंडा में सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में 90.6 मिमी बारिश हुई।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, पुरुलिया और बांकुरा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पश्चिम मेदिनीपुर और झारग्राम जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।

कोलकाता हवाई अड्डे पर करीब 14 घंटे तक निलंबित रहने के बाद सुबह आठ बजे से उड़ान संचालन बहाल हो गया।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी रेलवे के तहत सियालदह मंडल के दक्षिण खंड पर चक्रवात के कारण स्थगित की गयी ट्रेन सेवाएं सुबह 10 बजे फिर शुरू हो गईं।

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