जरुरी जानकारी | 2022-23 में मूल्य, मात्रा के लिहाज से मुद्रा का चलन बढ़ा: आरबीआई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बैंक नोटों का चलन मूल्य और मात्रा के लिहाज से 2022-23 के दौरान क्रमश: 7.8 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत बढ़ा। वित्त वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा क्रमश: 9.9 प्रतिशत और पांच प्रतिशत था।
मुंबई, 30 मई बैंक नोटों का चलन मूल्य और मात्रा के लिहाज से 2022-23 के दौरान क्रमश: 7.8 प्रतिशत और 4.4 प्रतिशत बढ़ा। वित्त वर्ष 2021-22 में यह आंकड़ा क्रमश: 9.9 प्रतिशत और पांच प्रतिशत था।
मंगलवार को जारी आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक मूल्य के लिहाज से 31 मार्च, 2023 तक 500 रुपये और 2,000 रुपये के बैंक नोटों की हिस्सेदारी कुल बैंक नोटों के चलन में 87.9 प्रतिशत थी। इससे एक साल पहले यह आंकड़ा 87.1 प्रतिशत था।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल में 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा की है और इन्हें जमा करने या बदलने के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया, ''मात्रा के लिहाज से 31 मार्च 2023 तक कुल प्रचलित मुद्रा में 500 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी 37.9 प्रतिशत है, जो सबसे अधिक है। इसके बाद 10 रुपये के नोट का स्थान है, जिनकी हिस्सेदारी 19.2 प्रतिशत है।''
मार्च 2023 के अंत तक 500 रुपये के कुल 5,16,338 लाख नोट चलन में थे, जिनका कुल मूल्य 25,81,690 करोड़ रुपये है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मार्च के अंत में दो हजार रुपये के 4,55,468 लाख नोट चलन में थे, जिनकी कुल कीमत 3,62,220 करोड़ रुपये है।
इसमें आगे बताया गया कि दो हजार रुपये के नोटों के चलन में मूल्य और मात्रा, दोनों लिहाज से कमी आई है।
इस समय दो रुपये, पांच रुपये, 10 रुपये, 20 रुपये, 50 रुपये, 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये और 2,000 रुपये के नोट चलन में हैं। इसके अलावा 50 पैसे, एक रुपये, दो रुपये, पांच रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये के सिक्के भी चलन में शामिल हैं।
आरबीआई ने 2022-23 के दौरान पायलट आधार पर ई-रुपया भी पेश किया।
रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च, 2023 तक चलन में शामिल ई-रुपया (थोक) और ई-रुपया (खुदरा) का मूल्य क्रमश: 10.69 करोड़ रुपये और 5.70 करोड़ रुपये था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2022-23 में नोटों की मांग और आपूर्ति सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत अधिक थी।
रिपोर्ट में आगे कहा गया कि 2021-22 की तुलना में बीते वित्त वर्ष में 20 रुपये और 500 रुपये (नए डिजाइन) के मूल्यवर्ग में पाए गए नकली नोटों में क्रमशः 8.4 प्रतिशत और 14.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
दूसरी ओर 10 रुपये, 100 रुपये और 2,000 रुपये के मूल्यवर्ग में पाए गए नकली नोटों में क्रमशः 11.6 प्रतिशत, 14.7 प्रतिशत और 27.9 प्रतिशत की गिरावट हुई।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2023 01:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

