अलप्पुझा (केरल), 15 सितंबर केरल के अलप्पुझा जिले में तटीय नियमन क्षेत्र (सीआरजेड) अधिनियम का उल्लंघन कर बनाये गये सात सितारा निजी 'रिजॉर्ट' को ध्वस्त करने का काम बृहस्पतिवार को वेम्बनाड झील के छोटे द्वीप पर शुरू हुआ।
उच्चतम न्यायालय ने जनवरी 2020 में नेदियाथुरुत द्वीप पर स्थित 54 आलीशान विला वाले कपिको रिजॉर्ट परिसर को ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
अलप्पुझा के जिला अधिकारी कृष्णा थेजा, उप-जिला अधिकारी सूरज शाजी और राजस्व तथा पंचायत समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों की देखरेख में इसे गिराये जाने का काम शुरू हुआ।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, परिसर को ध्वस्त करने की प्रक्रिया की लागत रिजॉर्ट मालिकों ने खुद वहन की।
उन्होंने बताया कि मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि मलबे से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा पानी भी प्रदूषित नहीं होना चाहिए।
इस बीच, परिसर को ध्वस्त करने की खबर के सिलसिले में वहां पहुंचे टेलीविजन पत्रकारों के एक समूह ने शिकायत की कि रिजॉर्ट के कर्मचारियों ने उन पर हमला किया ।
एक टीवी पत्रकार ने दावा किया कि कर्मचारियों ने उनका कैमरा और अन्य उपकरण झील में फेंकने की कोशिश की।
जिला प्रशासन ने सोमवार को निजी रिजॉर्ट द्वारा अतिक्रमण की गई लगभग सात एकड़ जमीन पर अधिग्रहण की घोषणा की
प्रशासन ने यह भी कहा था कि अतिक्रमणकर्ता ''कपिको केरला रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड'' झील के किनारे अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए सहमत हो गया था।
केरल उच्च न्यायालय के 2013 के आदेश को बरकरार रखते हुए, उच्चतम न्यायालय ने तटीय क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन कर बनाये गये रिजॉर्ट को ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
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