जरुरी जानकारी | कच्चा पॉम, बिनौला तेल में सुधार, सोयाबीन तेल तिलहन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया एक्सचेंज में मजबूती के बीच दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कच्चा पामतेल (सीपीओ) के साथ साथ बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। वहीं, डीओसी आयात के सरकार के फैसले के बाद सोयाबीन तेल तिलहन के भाव नरमी दर्शाते बंद हुए। सरसों और मूंगफली सहित अन्य तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बने रहे।
नयी दिल्ली, 26 अगस्त मलेशिया एक्सचेंज में मजबूती के बीच दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को कच्चा पामतेल (सीपीओ) के साथ साथ बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ। वहीं, डीओसी आयात के सरकार के फैसले के बाद सोयाबीन तेल तिलहन के भाव नरमी दर्शाते बंद हुए। सरसों और मूंगफली सहित अन्य तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बने रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकागो एक्सचेंज में भाव स्थिर रहे जबकि मलेशिया एक्सचेंज में 0.6 प्रतिशत की मामूली तेजी रही। देश में खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कमी के बाद विदेशों में दाम बढ़ने से खाद्य तेल तिलहनों के भाव मजबूती में रहे। मलेशिया एक्सचेंज में तेजी होने और मांग में सुधार के कारण सीपीओ तेल की कीमत में सुधार आया। जबकि मौसम समाप्त होने के कारण बिनौला तेल के भाव भी सुधार दर्शाते बंद हुए।
उन्होंने कहा कि सोयाबीन तेल संयंत्र रखरखाव में जाने तथा सोयाबीन तेल रहित खल (डीओसी) की कमी को दूर करने के लिए इसके आयात की अनुमति दिये जाने के बाद सोयाबीन तेल तिलहन के भाव गिरावट के साथ बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि देश में सरसों की दैनिक मांग लगभग साढ़े तीन लाख बोरी की है जबकि मंडियों में सरसों की दैनिक आवक 1.75-1.85 लाख बोरी ही है। अगले महीने से मांग बढ़नी शुरु हो जायेगी और ऐसे में अगली बिजाई के लिए सरकार को हाफेड और नेफेड जैसी सहकारी संस्थाओं के माध्यम से सरसों बीज का समुचित इंतजाम करना होगा ताकि इस संस्थाओं की पेराई मिलें भी चलें और बीज की उपलब्धता भी बनी रहे।
सूत्रों ने कहा कि तेल उद्योग निकाय, साल्वेंट एक्स्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने सरसों तेल की कमी को पूरा करने के विकल्प के रूप में कैनोला तेल का आयात बढ़ाने की मांग करते हुये इसपर आयात शुल्क समाप्त करने की सलाह दी है। हालांकि, सूत्रों का मानना है कि कैनोला तेल किसी भी तरह से सरसों का विकल्प नहीं बन सकता है।
बाकी सभी तेल तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर ही बने रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,125 - 8,175 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 6,620 - 6,765 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 15,100 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,330 - 2,460 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 16,580 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,560 -2,610 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,645 - 2,755 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,100 - 17,600 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,050 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,700 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,050 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,550 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,700 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,580 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 9,200 - 9,300, सोयाबीन लूज 9,000 - 9,100 रुपये
मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2021 08:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

