जरुरी जानकारी | कच्चे तेल का उत्पादन जुलाई में 3.8 प्रतिशत घटकर 24.5 लाख टन पर
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नयी दिल्ली, 23 अगस्त भारत का कच्चे तेल का उत्पादन इस साल जुलाई में 3.8 प्रतिशत घट गया।
सार्वजानिक क्षेत्र की ओएनजीसी और निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा संचालित क्षेत्रों से कम उत्पादन के कारण कच्चे तेल का उत्पादन घटा है।
सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, कच्चे तेल का उत्पादन जुलाई में घटकर 24.5 लाख टन रह गया, जो एक साल पहले समान महीने में 25.4 लाख टन था। कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर ही पेट्रोल और डीजल ईंधन का उत्पादन किया जाता है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में कच्चे तेल का उत्पादन 25.9 लाख टन के मासिक लक्ष्य से कम है।
ऑयल एंड नैचुरल गैस लि. (ओएनजीसी) ने पश्चिमी अपतट से इस दौरान 16.3 लाख टन कच्चे तेल का उत्पादन किया, जो 1.7 प्रतिशत कम है। निजी कंपनियों द्वारा संचालित क्षेत्रों में उत्पादन में 12.34 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
हालांकि, चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान कच्चे तेल का उत्पादन 99.1 लाख टन रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 99.6 लाख टन के उत्पादन से थोड़ा ही कम है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चार अगस्त को ट्वीट कर कहा था कि कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट का रुख पलट गया है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात और असम में ओएनजीसी के तेल क्षेत्रों ने कच्चे तेल का कम उत्पादन किया जबकि वेदांता के राजस्थान ब्लॉक में कम उत्पादन हुआ।
मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, प्राकृतिक गैस का उत्पादन जुलाई में लगभग 2.88 अरब घनमीटर पर अपरिवर्तित रहा। वहीं, अप्रैल-जुलाई के दौरान यह 3.4 प्रतिशत बढ़कर 11.43 अरब घनमीटर हो गया।
मुंबई के अपतटीय दमन क्षेत्र में कम गैस उत्पादन के कारण जुलाई में ओएनजीसी का गैस उत्पादन लगभग चार प्रतिशत कम था।
ईंधन की मांग बढ़ने के कारण देश की 22 तेल रिफाइनरियों ने 2.14 करोड़ टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया, जो 10.52 प्रतिशत अधिक है।
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