ताजा खबरें | आलोचना लोकतंत्र का ‘आभूषण’, ‘अंध विरोध’ लोकतंत्र का अनादर है : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नयी दिल्ली, सात फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचना को जीवंत लोकतंत्र का ‘आभूषण’ और ‘अंध विरोध’ को लोकतंत्र का अनादर बताते हुए सोमवार को कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि ‘‘बहुत से लोगों का कांटा 2014 में अटका हुआ है और उससे वे बाहर नहीं निकल पा रहे हैं जिसका उन्हें नजीता भुगतना पड़ रहा है।’’

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का लोकसभा में जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी को दशकों से अनेक राज्यों की जनता नकार चुकी है लेकिन उसका अहंकार नहीं जाता और वह अब भी ‘अंध विरोध’ में लगी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ हम सब संस्कार से, व्यवहार से लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध लोग हैं और आज से नहीं, सदियों से हैं। आलोचना जीवंत लोकतंत्र का आभूषण है, लेकिन अंध विरोध लोकतंत्र का अनादर है।’’

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ दुर्भाग्य यह है कि आपमें से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका कांटा 2014 में अटका हुआ है और उससे वो बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उसका नतीजा भी आपको भुगतना पड़ा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ देश की जनता आपको पहचान गई है, कुछ लोग पहले पहचान गए, कुछ लोग अब पहचान रहे हैं और कुछ लोग आने वाले समय में पहचानने वाले हैं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नगालैंड के लोगों ने आखिरी बार 1998 में कांग्रेस को जिताने के लिए वोट किया था जिसे करीब 24 साल हो गए....ओडिशा ने 1995 में कांग्रेस को जिताने के लिए वोट किया था और तब से 27 साल में विपक्षी पार्टी को राज्य में प्रवेश नहीं मिला।

उन्होंने कहा कि गोवा में 1994 में पूर्ण बहुमत के साथ आप (कांग्रेस) जीते थे और 28 साल से गोवा ने आपको स्वीकार नहीं किया।

मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार की जनता ने आखिरी बार 1985 में करीब 37 साल पहले कांग्रेस को सत्ता में लाने के लिए वोट किया था, वहीं पश्चिम बंगाल के लोगों ने करीब 50 साल पहले 1972 में विपक्षी दल को पसंद किया था।

जब कांग्रेस के सदस्यों ने प्रधानमंत्री की इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताना शुरू किया तो उन्होंने कहा, ‘‘देश का बड़ा दुर्भाग्य है कि सदन जैसी पवित्र जगह, जो देश के लिए काम आनी चाहिए, उसे दल के लिए काम में लेने का प्रयास हो रहा है। इसलिए हमें जवाब देना पड़ रहा है।’’

कांग्रेस पर प्रहार जारी रखते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ कभी-कभी मुझे विचार आता है कि जिस प्रकार से आप बोलते हैं, जिस प्रकार से आप मुद्दों को जोड़ते हैं तो ऐसा लगता है कि आपने मन बना लिया है कि आपको 100 साल तक सत्ता में नहीं आना है।’’

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा था कि देश को ‘शहंशाह’ की तरह चलाने की कोशिश हो रही है ।

कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि ‘‘इस कोरोना काल में तो कांग्रेस ने हद कर दी। पहली लहर के दौरान देश जब लॉकडाउन का पालन कर रहा था, जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) दुनिया भर को सलाह देता था, सारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ कह रहे थे कि जो जहां है वहीं पर रुके। तब कांग्रेस के लोगों ने मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर मुंबई के श्रमिकों को जाने के लिए मुफ्त टिकट दिया गया, लोगों को जाने के लिए प्रेरित किया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ बीते दो साल में 100 साल का सबसे बड़ा वैश्विक महामारी का संकट पूरी दुनिया की मानव जाति झेल रही है। जिन्होंने भारत के अतीत के आधार पर ही भारत को समझने का प्रयास किया, उन्हें तो आशंका थी कि शायद भारत इतनी बड़ी लड़ाई नही लड़ पाएगा, खुद को बचा नहीं पाएगा।’’

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को तो ये इंतजार था कि ये ‘‘कोरोना वायरस मोदी की छवि को चपेट में ले लेगा और इसके लिये उन्होंने बहुत इंतजार किया।’’

मोदी ने कहा कि आज ‘मेड इन इंडिया’ कोविड टीका दुनिया में सबसे प्रभावी है। उन्होंने कहा कि आज भारत कोरोना रोधी टीके की पहली खुराक के शत-प्रतिशत के लक्ष्य के निकट पहुंच रहा है और लगभग 80 प्रतिशत दूसरी खुराक का पड़ाव भी पूरा कर लिया है।

कुछ विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सदन इस बात का साक्षी है कि कोरोना महामारी से जो स्थितियां उत्पन्न हुईं, उससे निपटने के लिए भारत ने जो भी रणनीति बनाई उसे लेकर पहले दिन से क्या-क्या नहीं कहा गया है।

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