नयी दिल्ली, 26 जुलाई राज्यसभा में बुधवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सदस्य जॉन ब्रिटास ने मणिपुर हिंसा और वहां महिलाओं पर कथित हमले का मुद्दा उठाया तथा सरकार से पूर्वोत्तर राज्य में सामान्य स्थिति की बहाली के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
माकपा सदस्य ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाया और कहा कि वहां इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है जिससे हिंसा प्रभावित राज्य में फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने मांग की कि राज्य में इंटरनेट पर लगी रोक को हटा लेना चाहिए जिससे फर्जी खबरों पर काबू पाया जा सकेगा।
ब्रिटास ने कहा कि इंटरनेट पर पूरी तरह से रोक से फर्जी खबरों को बढ़ावा मिलता है और अहम जानकारी सामने नहीं आ पाती। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सूचना, स्वास्थ्य, मनोरंजन आदि पर भी इस रोक का विनाशकारी प्रभाव पड़ा है
ब्रिटास ने मणिपुर का मुद्दा उठाने की अनुमति देने के लिए सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद दिया।
विपक्ष मणिपुर हिंसा पर राज्यसभा में चर्चा की मांग कर रहा है। विपक्ष की यह भी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मणिपुर हिंसा मुद्दे पर संसद में बयान दें।
विशेष उल्लेख के जरिए ही बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने महिला आरक्षण विधेयक को संसद से पारित कराए जाने की सरकार से मांग की।
भारतीय जनता पार्टी के लहर सिंह सिरोया ने चुनाव जीतने के लिए मतदाताओं को मुफ्त उपहार दिए जाने के चलन और इससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव का मुद्दा उठाया। उनकी ही पार्टी के अजय प्रताप सिंह ने ‘‘लिव-इन’’ मामलों में महिलाओं के उत्पीड़न पर रोक के लिए कदम उठाने की मांग की।
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