देश की खबरें | माकपा नेता तारिगामी ने छात्रों की यूएपीए के तहत गिरफ्तारी पर सवाल उठाया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एम. वाई. तारिगामी ने क्रिकेट विश्वकप फाइनल में भारतीय टीम की हार का जश्न मनाने और आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोप में गैर-कानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) के अंतर्गत विश्वविद्यालय के छात्रों की गिरफ्तारी पर मंगलवार को सवाल उठाया।
जम्मू, 28 नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एम. वाई. तारिगामी ने क्रिकेट विश्वकप फाइनल में भारतीय टीम की हार का जश्न मनाने और आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोप में गैर-कानूनी गतिविधि निरोधक कानून (यूएपीए) के अंतर्गत विश्वविद्यालय के छात्रों की गिरफ्तारी पर मंगलवार को सवाल उठाया।
केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ‘कर्मचारी विरोधी, किसान विरोधी और जन विरोधी नीतियों’ के खिलाफ जम्मू शहर के महाराज हरि सिंह पार्क में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) ने प्रदर्शन का आयोजन किया था।
सीटू के प्रमुख तारिगामी ने कहा, “यह (छात्रों की गिरफ्तारी) गलत है। उन्हें सबसे पहले यूएपीए नहीं लगाना चाहिए था, क्योंकि हम एक लोकतांत्रिक देश हैं... खेलों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जैसे भारतीय खिलाड़ी देश के बाहर लोकप्रिय हैं, वैसे ही दुनिया के अन्य हिस्सों के क्रिकेटर भारत में लोकप्रिय हैं। तारिगामी ने कहा, "राजनीति और खेल को जोड़ना अच्छी बात नहीं है।"
उन्होंने कहा, “क्या वे (विद्यार्थी) आतंकवादी हैं?…अगर सरकार को आपत्ति है तो दूसरे कानून भी हैं, लेकिन (छात्रों पर) यूएपीए क्यों लगाया गया?''
माकपा नेता ने समाचार पोर्टल ‘न्यूज़क्लिक’ के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और उसके मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती के खिलाफ भी इस कानून के तहत की गई कार्रवाई का जिक्र किया।
गिरफ्तार युवक ‘शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी’ (एसकेयूएएसटी) के छात्र हैं।
पुलिस द्वारा एक गैर-स्थानीय छात्र की शिकायत की जांच शुरू करने के बाद छात्रों को गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसके कॉलेज के साथियों ने उसे परेशान किया तथा क्रिकेट विश्वकप मैच के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों भारत की हार के बाद आपत्तिजनक नारे लगाए थे।
तारिगामी ने कहा कि केंद्र सरकार एक-दूसरे के करीब लाने के बजाय "ध्रुवीकरण की राजनीति" में शामिल है।
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