देश की खबरें | भाकपा (माओवादी) की ‘संघर्षविराम’ की पेशकश उसकी चाल प्रतीत होती है : तेलंगाना पुलिस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) द्वारा पूर्व निर्धारित शर्तों के साथ ‘संघर्षविराम’ की पेशकश किया जाना हाल के दिनों में हुई भारी क्षति के मद्देनजर अपने कैडरों को बचाने के लिए संगठन की एक चाल प्रतीत होता है। तेलंगाना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
हैदराबाद, तीन अप्रैल प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) द्वारा पूर्व निर्धारित शर्तों के साथ ‘संघर्षविराम’ की पेशकश किया जाना हाल के दिनों में हुई भारी क्षति के मद्देनजर अपने कैडरों को बचाने के लिए संगठन की एक चाल प्रतीत होता है। तेलंगाना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वे प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के हवाले से दिए गए बयान की प्रामाणिकता की पुष्टि करेंगे, जो बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया।
बयान में संघर्षविराम के लिए नक्सल रोधी अभियान और सुरक्षाबलों के नए शिविर स्थापित करने पर रोक जैसी शर्तें रखी गई हैं।
प्रतिबंधित समूह ने केंद्र और राज्य सरकारों से शांति वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाने का आह्वान किया है।
यह समूह सुरक्षाबलों के साथ लगातार मुठभेड़ों में भारी क्षति के कारण माओवादी कैडरों की कमी का सामना कर रहा है।
माओवादियों की केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय द्वारा 28 मार्च 2025 को कथित रूप से जारी किया गया यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से दो दिन पहले सामने आया।
माओवादियों के कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलंगाना पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘यह महज एक चाल हो सकती है, क्योंकि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ अभियानों में माओवादियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए, यह उनकी ओर से अपने कैडरों को बचाने का एक प्रयास हो सकता है।’’
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