देश की खबरें | माकपा धार्मिक वोट बैंक के तुष्टीकरण में लिप्त: मुरलीधरन

तिरुवनंतपुरम, पांच अप्रैल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने शनिवार को केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर मुनंबम के लोगों की दुर्दशा को नजरअंदाज करने, लेकिन फलस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का आरोप लगाया।

मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि यह सब सत्तारूढ़ माकपा की धार्मिक वोट बैंक तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है। भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से इस्तीफा देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा ‘अवैध भुगतान’ घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री की बेटी वीना टी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया है।

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि माकपा नेता मदुरै (तमिलनाडु) में पार्टी कांग्रेस के दौरान फलस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए ‘केफियेह’ पहने दिखाई दिये।

उन्होंने मुनंबम मुद्दे का हवाला देते हुए कहा, “लेकिन, वे (माकपा नेता) केरल में एक समुदाय की समस्याओं से बेखबर हैं, जो अपनी संपत्तियों से बेदखल होने के खतरे का सामना कर रहा है।”

एर्नाकुलम जिले के चेराई और मुनंबम गांवों में रहने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड, पंजीकृत विलेख और भूमि कर भुगतान रसीदें होने के बावजूद उनकी जमीनों व संपत्तियों पर अवैध रूप से स्वामित्व का दावा कर रहा है।

मुरलीधरन ने कहा कि माकपा को फलस्तीनी लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है और वह केवल एक खास धार्मिक वोट बैंक को खुश करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा को किसी समुदाय की चिंता नहीं है और वह सत्ता में बने रहने के लालच में लोगों को गुमराह कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि न तो माकपा और न ही कांग्रेस ‘लोगों को लंबे समय तक मूर्ख बना सकती हैं’।

कांग्रेस और माकपा दोनों ही विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का हिस्सा हैं।

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