देश की खबरें | माकपा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल को हटाने की मांग की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

ठाणे,14 अक्टूबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने धार्मिक स्थलों को दोबारा खोले जाने के संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे को लिखे पत्र में धर्मनिरपेक्षता का ‘‘मजाक’’ उड़ाने के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद से हटाने की मांग की है।

ठाकरे और कोश्यारी के बीच मंगलवार को उस वक्त तना तनी हुई जब कोश्यारी ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बंद किए गए धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने की मांग की और शिव सेना प्रमुख से पूछा कि क्या वह अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections 2020: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने जारी की 35 उम्‍मीदवारों की तीसरी सूची, यहां देखें पूरी लिस्ट.

कोश्यारी के पत्र के जवाब में ठाकरे ने कहा कि वह उनके अनुरोध पर गौर करेंगे और उन्हें ‘‘अपने हिंदुत्व’’ के लिए राज्यपाल का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए।

महाराष्ट्र के माकपा सचिव नरसैया एडम ने एक विज्ञप्ति में कहा ,‘‘महाराष्ट्र के राज्यपाल ने धर्मनिरपेक्षता का मज़ाक उड़ाते हुए संवैधानिक औचित्य की सभी सीमाओं को पार दिया है, जो हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों में से एक है।’’

यह भी पढ़े | UP Shocker: उत्तर प्रदेश के भैंसहिया गांव की वोटर लिस्ट में है शामिल हैं पीएम मोदी, बराक ओबामा, सोनम कपूर और लादेन.

उन्होंने कहा कि एक स्थल के खुलने से पिटारा खुल जाएगा और सभी धर्मों के निहित स्वार्थी तत्व मंदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों और गुरुद्वारों को खोलने की मांग करने लगेंगे।

बयान में कहा गया,‘‘ राज्यपाल महाराष्ट्र के जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गए है। उन्हें उनकी संवैधानिक जिम्मेदारियों से मुक्त कराने की जरूरत है, जिसका निर्वाह वह गरिमापूर्ण तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। माकपा भारत के राष्ट्रपति से अपील करती है कि राज्यपाल को तत्काल उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए।’’

इस बीच महाराष्ट्र सरकार की सहयोगी पार्टी राकांपा ने राज्यपाल के खिलाफ ठाणे में प्रदर्शन किया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)