देश की खबरें | माकपा ने अलवर में शिशु की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात सहित पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने उस एक महीने की बच्ची के परिवार से मुलाकात की, जिसकी छापेमारी के दौरान कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी के पैर के नीचे आने से मौत हो गई थी।
नयी दिल्ली, चार मार्च मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात सहित पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने उस एक महीने की बच्ची के परिवार से मुलाकात की, जिसकी छापेमारी के दौरान कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी के पैर के नीचे आने से मौत हो गई थी।
वामपंथी पार्टी ने कहा कि इस घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
पुलिस साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में एक आरोपी को पकड़ने के लिए शनिवार को नौगांवा थाना क्षेत्र में एक घर गई थी। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने एक माह की बच्ची अलिस्बा को कुचल दिया, जो अपनी मां के बगल में चारपाई पर सो रही थी।
शिशु की मौके पर ही मौत हो गई। जब बच्चे की मां ने विरोध करने की कोशिश की तो पुलिस ने कथित तौर पर उसे घर से बाहर धकेल दिया। परिवार ने यह भी दावा किया कि छापेमारी के दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
माकपा ने एक बयान में कहा, ‘‘वृंदा करात (पोलित ब्यूरो सदस्य), किशन पारिख (सचिव, राजस्थान राज्य समिति), सुमित्रा चोपड़ा (राज्य सचिवालय सदस्य, राजस्थान राज्य समिति) और रायसा (जिला सचिव) सहित माकपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने एक महीने की अलिस्बा के परिवार से मुलाकात की, जो 2 मार्च, 2025 को पुलिस की बर्बरता से मारी गई थी।’’
वामपंथी दल ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए।
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