देश की खबरें | न्यायालय का निर्माण गतिविधियों की बहाली संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के 24 नवंबर के आदेश को निष्प्रभावी बनाने का अनुरोध करने वाली एक बिल्डर संस्था की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

नयी दिल्ली, छह दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने वायु प्रदूषण को काबू करने के लिए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के 24 नवंबर के आदेश को निष्प्रभावी बनाने का अनुरोध करने वाली एक बिल्डर संस्था की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

प्रधान न्यायाशीध एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने खराब होती वायु गुणवत्ता का संज्ञान लेते हुए 22 नवंबर से निर्माण गतिविधियों की अनुमति देने के कार्यपालिका के आदेश को पलट दिया था और इस पर पुन: प्रतिबंध लगा दिया था। बहरहाल, इसने निर्माण से संबंधित नलसाजी के काम, आंतरिक सजावट, बिजली का काम और लकड़ी के काम जैसी गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियों की अनुमति दी थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि रियल एस्टेट कंपनियों को इस प्रतिबंध के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है और इस यचिका पर सोमवार या मंगलवार को तत्काल सुनवाई होनी चाहिए।

इस पर, पीठ ने कहा, ‘‘मैं अभी फैसला नहीं करूंगा। आप सरकार के पास जाइए। इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई होने दीजिए और हम तभी इस पर गौर करेंगे... क्षमा कीजिए, हम (अभी सुनवाई) नहीं कर सकते।’’

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘‘मैं कुछ और कह रहा हूं। सरकार ने निर्माण गतिविधियों पर लगी रोक हटा दी है। इस प्रतिबंध को सरकार ने नहीं, बल्कि न्यायालय ने दोबारा लगाया है।’’

न्यायालय में दायर याचिका में 60 से अधिक बिल्डरों के एक निकाय, ‘डेवलपर्स एंड बिल्डर्स फोरम’ ने कहा है कि वे नवीनतम निर्माण प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं ताकि धूल से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके और निर्धारित मानदंडों का भी पालन किया जाता है।

याचिका में कहा गया है, “अत्यंत सम्मानपूर्वक यह अनुरोध किया जाता है कि प्रासंगिक आंकड़ों के मद्देनजर इस अदालत द्वारा एक व्यापक प्रतिबंध लगाने वाले उपरोक्त निर्देश पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।”

इसमें कहा गया, “निर्देश सभी हितधारकों के विचारों को जाने बिना और विभिन्न प्रकृति की निर्माण गतिविधियों के बीच अंतर किए बिना जारी किया गया है।”

याचिका में कहा गया, “यह कहा जाता है कि सभी निर्माण गतिविधियों पर वर्तमान पूर्ण प्रतिबंध आवासीय और अन्य इकाइयों के छोटे निर्माणों को भी अपने दायरे में ले लेता है, जिन्हें किसी भी तरह से बड़े पैमाने पर प्रदूषण का कारण नहीं कहा जा सकता है।”

शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को केंद्र और एनसीआर के राज्यों को निर्देश दिया था कि वे एनसीआर और आसपास के इलाकों में प्रदूषण की रोकथाम के लिये वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों को लागू करें तथा यह सुनिश्चित करने के लिये प्रस्ताव देने को कहा था कि सभी औद्योगिक इकाइयां समयबद्ध तरीके से पीएनजी या स्वच्छ ईंधन का उपयोग करना शुरू करें या बंदी का सामना करें।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस के सामने रखा 240 रनों का विशाल लक्ष्य, फिल सॉल्ट और रजत पाटीदार ने खेली तूफानी पारियां; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Live Toss And Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

LSG vs GT, IPL 2026 19th Match Scorecard: गुजरात टाइटंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हराया, जोस बटलर और शुभमन गिल ने खेली शानदार पारियां; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट