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देश की खबरें | विधेयकों को मंजूरी देने में देरी को लेकर राज्यपाल के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करेगा न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने केरल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने में देरी को लेकर राज्यपाल के खिलाफ राज्य सरकार की याचिकाओं पर 6 मई को सुनवाई करने पर मंगलवार को सहमति जताई।

देश की खबरें | विधेयकों को मंजूरी देने में देरी को लेकर राज्यपाल के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करेगा न्यायालय

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने केरल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने में देरी को लेकर राज्यपाल के खिलाफ राज्य सरकार की याचिकाओं पर 6 मई को सुनवाई करने पर मंगलवार को सहमति जताई।

न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता के के वेणुगोपाल की दलीलों पर गौर किया कि तमिलनाडु की याचिका पर एक अन्य पीठ के फैसले में मौजूदा याचिका में उठाए गए मुद्दे शामिल हैं।

वेणुगोपाल ने कहा कि न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा दिए गए फैसले में विधेयकों को मंजूरी देने के लिहाज से राज्यपालों और राष्ट्रपति के लिए दिशानिर्देश और समयसीमा तय की गई है।

वरिष्ठ वकील ने कहा कि राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को विधेयक भेजने की समयसीमा क्या है और उस फैसले के आलोक में इस मुद्दे का निस्तारण किया जाए।

पीठ ने कहा, ‘‘हम उस फैसले पर गौर करेंगे और देखेंगे कि क्या यहां उठाए गए मुद्दे इसमें शामिल हैं।’’

पीठ ने याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए 6 मई की तारीख तय की।

केंद्र और केरल के राज्यपाल के कार्यालय की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वेणुगोपाल से असहमति जताई और कहा कि कुछ मुद्दे अलग हैं।

न्यायमूर्ति पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने 8 अप्रैल को तमिलनाडु की याचिका पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया और दूसरे दौर में राष्ट्रपति के विचार के लिए 10 विधेयकों को रोककर रखने के फैसले को अवैध और कानून के लिहाज से त्रुटिपूर्ण करार देते हुए खारिज कर दिया।

पीठ ने पहली बार यह निर्धारित किया कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा उनके विचार के लिए आरक्षित विधेयकों पर उस तारीख से तीन महीने की अवधि के भीतर निर्णय लेना चाहिए, जिस दिन विधेयक उन्हें भेजा गया था।

केरल अपने मामले में इसी तरह के निर्देश चाहता है।

शीर्ष अदालत ने पिछले साल 26 जुलाई को विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी दिए जाने से इनकार करने का आरोप लगाने वाली केरल की याचिका पर विचार करने पर सहमति जताई थी।

केरल सरकार ने आरोप लगाया कि तत्कालीन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कुछ विधेयक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे थे और उन्हें अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और केरल के राज्यपाल के सचिवों को नोटिस जारी किया।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2025 12:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).