देश की खबरें | न्यायालय ने 1984 के दंगों के मामले में दोषी सज्जन कुमार की अतरिम जमानत का अनुरोध ठुकराया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की अंतरिम जमानत की अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी। कुमार ने अपनी गिरती सेहत का हवाला देते हुये न्यायालय से अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था।
नयी दिल्ली, चार सितंबर उच्चतम न्यायालय ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की अंतरिम जमानत की अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी। कुमार ने अपनी गिरती सेहत का हवाला देते हुये न्यायालय से अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की तीन सदस्यीय पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मामले की सुनवाई की और अंतरिम जमानत देने से इंकार करते हुये कुमार का आवेदन खारिज कर दिया।
कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अपने मुवक्किल की गिरती सेहत का हवाला देते हुये कहा कि वह पिछले 20 महीने से जेल में हैं और इस दौरान उनका 16 किलो वजन कम हो गया है। उन्होंने कहा कि कुमार को अपनी पुरानी बीमारियों से भी उबरना है।
सिंह ने कहा कि कुमार उन सभी शर्तो का पालन करेंगे जो न्यायालय उन पर लगायेगा।
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कुछ दंगा पीडि़तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फूलका ने इस आवेदन का विरोध किया और कहा कि सज्जन कुमार को पहले से ही अस्पताल में जरूरी उपचार मुहैया कराया जा रहा है।
पीठ ने कहा, ‘‘हम अंतत: किसी दिन आपको सुनेंगे लेकिन इस तरह से आपको जमानत नहीं दे सकते।’’
पीठ ने कहा, ‘‘हम (कुमार को दोषी ठहराने और उम्र कैद की सजा सुनाने वाला दिल्ली उच्च न्यायालय के) फैसले को सिर्फ इसलिए त्रुटिपूर्ण नहीं मान रहे कि इसने निचली अदालत का निर्णय उलट दिया था। हम किसी दिन आपको सुनेंगे।’’
उच्च न्यायालय ने 17 दिसंबर, 2018 को अपने फैसले में सज्जन कुमार और अन्य को दोषी ठहराया था। उच्च न्यायालय ने कुमार को बरी करने का निचली अदालत का 2013 का फैसला निरस्त करते हुये उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
यह मामला 31 अक्टूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के सिख विरोधी दंगों के दौरान एक और दो नवंबर, 1984 को दक्षिण पश्चिम दिल्ली की पालम कालोनी के राजनगर पार्ट-1 में पांच सिखों की हत्या और राज नगर पार्टी-2 में एक गुरूद्वारा जलाये जाने की घटना से संबंधित है।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने 13 मई को भी सज्जन कुमार की सेहत के आधार अंतरिम जमानत की अर्जी अस्वीकार कर दी थी। न्यायालय ने कहा था कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता नहीं है।
ा अनूप
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2020 03:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

