देश की खबरें | अदालत ने सुपरटेक के एमडी को तीन साल की सजा के एनसीडीआरसी के आदेश पर रोक लगाई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के उस आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी, जिसमें सुपरटेक के प्रंबध निदेशक (एमडी) मोहित अरोड़ा को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी और एक घर खरीदार द्वारा दायर एक मामले में आदेश का पालन नहीं करने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
नयी दिल्ली, 24 सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के उस आदेश पर शुक्रवार को रोक लगा दी, जिसमें सुपरटेक के प्रंबध निदेशक (एमडी) मोहित अरोड़ा को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी और एक घर खरीदार द्वारा दायर एक मामले में आदेश का पालन नहीं करने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने रिएलिटी कंपनी को अदालत को अपनी सदाशयता दिखाने के लिए 1.75 करोड़ रुपए की बकाया राशि में से 50 लाख रुपये घर खरीदार के खाते में एक सप्ताह केभीतर जमा कराने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि कंपनी के प्रबंध निदेशक को तीन साल सजा देने के एनसीडीआरसी के आदेश पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक रहेगी।
अदालत ने कंपनी और घर खरीदार दोनों को एनसीडीआरसी के आदेश के मुताबिक बकाया राशि का स्टेटमेंट रिकॉर्ड में पेश करने का भी निर्देश दिया।
उच्च न्यायालय 20 सितंबर के उस आदेश को चुनौती देने वाली सुपरटेक की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें अरोड़ा को तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई थी और एनसीडीआरसी के निर्देशों का पालन न करने के लिए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
एनसीडीआरसी का मामला यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास क्षेत्र में कंपनी की एक परियोजना में एक विला का कब्जा देने में देरी के लिए घर खरीदार की शिकायत से संबंधित है, जिसे एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि लेकर आवंटित किया गया था।
सुपरटेक का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने दलील दी कि एनसीडीआरसी का आदेश उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 27 के प्रावधानों से परे था और ऐसा कोई प्रावधान नहीं था जो कंपनी द्वारा डिफ़ॉल्ट की स्थिति में एमडी पर आपराधिक या सिविल मामले में उन्हें उत्तरदायी बनाने के लिए प्रतिवर्ती दायित्व डालता है।
वहीं, घर खरीदार कंवल बत्रा के वकील ने याचिका का विरोध किया और कहा कि कंपनी एनसीडीआरसी के आदेश का बार-बार उल्लंघन कर रही है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2021 03:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

