देश की खबरें | अदालत ने डीयू के ‘कैंपस लॉ सेंटर’ को दिव्यांगों के वास्ते सुगम्य बनाने पर रिपोर्ट मांगी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक वकील को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के ‘कैंपस लॉ सेंटर’ का दौरा करके वहां दिव्यांगजनों के वास्ते की गयी व्यवस्था पर एक समग्र रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। यह मामला दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘कैंपस लॉ सेंटर’ (सीएलसी) दिव्यांगजनों के सुगम्य हो, यह सुनिश्चित करने से संबंधित है और इस वकील को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया गया है।
नयी दिल्ली, नौ दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक वकील को दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के ‘कैंपस लॉ सेंटर’ का दौरा करके वहां दिव्यांगजनों के वास्ते की गयी व्यवस्था पर एक समग्र रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। यह मामला दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘कैंपस लॉ सेंटर’ (सीएलसी) दिव्यांगजनों के सुगम्य हो, यह सुनिश्चित करने से संबंधित है और इस वकील को इस मामले में न्याय मित्र नियुक्त किया गया है।
न्याय मित्र कमल गुप्ता ने सुझाव दिया कि उन्हें कैंपस (परिसर) का दौरा करने दिया जाए ताकि इसको लेकर एक समग्र हलफनाम दाखिल किया जा सके कि विश्वविद्यालय द्वारा और क्या-क्या किये जाने की जरूरत है।
विश्वविद्यालय के वकील ने कहा कि गुप्ता को सभी जरूरी सहयोग मुहैया कराया जाएगा।
न्यायमूर्ति पी. कुमार कौरव ने हाल में अपने आदेश में कहा, ‘‘न्याय मित्र प्रतिवादी नंबर एक विश्वविद्यालय के वकील को ‘कैंपस लॉ सेंटर’ के अपने दौरे की प्रस्तावित तिथि के बारे में सूचित करेंगे।’’
अदालत ने आदेश दिया, ‘‘कैंपस लॉ सेंटर का दौरा करने के बाद न्याय मित्र इस बात की समग्र रिपोर्ट अथवा सुझाव देंगे जिसमें यह उल्लेखित हो कि प्रतिवादी नंबर एक- विश्वविद्यालय द्वारा और कौन-कौन से कदम उठाये जाने चाहिए। उनके दौरे के दौरान उन्हें सभी जरूरी सहायता मुहैया करायी जाए।’’
दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा कि उसने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कदम उठाये हैं।
अदालत ने विश्वविद्यालय को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के क्रियान्वयन पर समग्र हलफनामा दाखिल करने के लिए पिछले महीने आखिरी मौका दिया था।
अदालत दिल्ली विश्वविद्यालय के दृष्टिबाधित विद्यार्थी जयंत सिंह राघव की याचिका पर सुनवाई कर रही है। राघव ने परीक्षा के दौरान दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया था।
मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
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