देश की खबरें | न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को सहायक शिक्षकों के 37,339 पदों को भरने से रोका
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नयी दिल्ली, नौ जून उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को सहायक बेसिक शिक्षकों के सभी 69,000 पदों को नहीं भरने और 37,339 ऐसे पदों को रिक्त रखने को कहा है, जिसपर अभी शिक्षा मित्र काम कर रहे हैं।

शीर्ष न्यायालय ने कहा कि उसने 21 मई को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि सहायक शिक्षक पद पर काम कर रहे सभी शिक्षा मित्र की सेवा में व्यवधान नहीं डाला जाएगा ।

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न्यायमूर्ति एम एम शांतनगौडर और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने कहा कि आदेश के बावजूद पेश किए गए रिकॉर्डस से लगता है कि राज्य सरकार सभी पदों को भरने के लिए आगे बढ़ रही है। इस अदालत द्वारा 21 मई 2020 को दिए गए अंतरिम आदेश के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा अपनायी जाने वाली प्रक्रिया को अनुमति नहीं दी जाएगी ।

पीठ सहायक बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति के मुद्दे पर उच्च न्यायालय और सरकार के विभिन्न आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी ।

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याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि इस पर किसी भी पक्ष ने सवाल नहीं उठाया है कि शिक्षा मित्र के तौर पर काम कर रहे 37,339 व्यक्ति सहायक बेसिक शिक्षकों की परीक्षा में बैठे हैं ।

पीठ ने कहा, ‘‘इसके मद्देनजर राज्य सरकार 37,339 पदों के अलावा बाकी के सहायक शिक्षकों के पदों को भर सकती है। दूसरे शब्द में कहें तो सहायक शिक्षकों के 37,339 पदों को खाली रखना होगा। अन्य पद भरे जा सकते हैं।’’

मामले पर अब 14 जुलाई को सुनवाई होगी ।

उत्तर प्रदेश में सहायक बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर उच्च न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय में कई बार याचिकाएं दाखिल की गयीं।

तीन जून को, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कई असफल उम्मीदवारों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य में 69,000 सहायक बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति पर इस आधार पर रोक लगा दी थी कि प्रश्न पत्र के मूल्यांकन में ‘त्रुटि’ हुई है ।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के छह मई के आदेश को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष न्यायालय ने 21 मई को राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 69,000 सहायक बेसिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए ऊंचा कट-ऑफ रखने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा था ।

उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जब तक नोटिस लंबित है सहायक शिक्षकों के पद पर तैनात सभी शिक्षा मित्र की सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा ।

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