अदालत ने अमेरिकी आईटी कंपनी को कोविड-19 मरीजों के आंकड़े के विश्लेषण से रोका
अदालत ने हालांकि राज्य सरकार को इस बात की इजाजत दे दी कि वह कड़ी शर्तों के साथ स्प्रिंक्लर कंपनी की सेवाएं आंकड़ों के प्रसंस्करण में ले सकती है।
कोच्चि, 24 अप्रैल केरल उच्च न्यायलय ने शुक्रवार को अमेरिका स्थित सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी को कोविड-19 के मरीजों से जुड़े आंकड़े के विश्लेषण से रोक दिया और निर्देशित किया कि अगर उसने कोई आंकड़ा हासिल किया हो तो उसे राज्य सरकार को वापस करे।
अदालत ने हालांकि राज्य सरकार को इस बात की इजाजत दे दी कि वह कड़ी शर्तों के साथ स्प्रिंक्लर कंपनी की सेवाएं आंकड़ों के प्रसंस्करण में ले सकती है।
राज्य सरकार द्वारा स्प्रिंक्लर को दिये गए अनुबंध को रद्द करने की मांग से जुड़ी एक याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और टी आर रवि की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह उसके द्वारा एकत्र किये गए कोविड-19 के सभी मरीजों के आंकड़ों का विश्लेषण करे और आईटी कंपनी को डाटा तभी मुहैया कराया जाए जब आंकड़ों से व्यक्तिगत पहचान को मिटाने की प्रक्रिया (अनामीकरण) पूरी हो जाए।
केरल सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े की गोपनीयता का स्प्रिंक्लर द्वारा उल्लंघन करने का कोई भी प्रयास नहीं किये जाने का जिक्र करते हुए अदालत ने उसे निर्देश दिया कि उसके और राज्य सरकार द्वारा हुए अनुबंध से इतर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से आंकड़ों से किसी तरह की छेड़छाड़ न हो।
अदालत ने स्प्रिंक्लर को अपने प्रचार के लिये राज्य सरकार के नाम या चिन्ह का इस्तेमाल नहीं करने को भी कहा है।
याचिकाकर्ता बालू गोपालकृष्णन ने अपनी याचिका में कहा था कि उनकी एक मात्र चिंता यह है कि वेब कंपनी के सर्वर में रखा गया डेटा सुरक्षित होगा या नहीं और इसका कहीं मौद्रिक लाभ के लिये कंपनी द्वारा इस्तेमाल तो नहीं किया जा सकेगा।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 24, 2020 07:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

