पुलिसकर्मी के साथ मारपीट के आरोपी भाइयों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से अदालत का इनकार
इसके साथ ही अदालत ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी पर काबू के लिए लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन से लाखों लोगों की जान जा सकती है।
नयी दिल्ली, सात मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो भाइयों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया जिनके खिलाफ आरोप है कि दोनों ने एक पुलिसकर्मी के साथ उस समय मारपीट की थी जब लॉकडाउन के दौरान उन्हें बिना मास्क के घूमने पर रोका गया था।
इसके साथ ही अदालत ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी पर काबू के लिए लागू प्रतिबंधों के उल्लंघन से लाखों लोगों की जान जा सकती है।
अदालत ने कहा कि दोनों लोगों के खिलाफ आरोप काफी गंभीर हैं और यदि उनके कृत्य सही पाए जाते हैं, तो वे पूरी तरह से सार्वजनिक और सामाजिक हितों के खिलाफ हैं।
न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए कहा कि सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन से लाखों लोगों की जान जा सकती है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
दोनों भाइयों का आरोप है कि पुलिस ने उनका उत्पीड़न किया जबकि प्राथमिकी में आरोप है कि दोनों 20 अप्रैल की शाम बना मास्क पहने घूम रहे थे और एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी।
अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें दोनों भाइयों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता पुलिसकर्मी की मेडिकल रिपोर्ट भी प्राथमिकी में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करती है।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2020 09:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

