देश की खबरें | अदालत का जब्त पीपीई किट वितरित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त की गई पीपीई किट्स, मास्क और सैनेटाइजर कोरोना योद्धाओं में वितरित करने का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका को शुक्रवार को ‘‘अदालत के समय की बर्बादी’’ बताया।

नयी दिल्ली, 26 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त की गई पीपीई किट्स, मास्क और सैनेटाइजर कोरोना योद्धाओं में वितरित करने का केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका को शुक्रवार को ‘‘अदालत के समय की बर्बादी’’ बताया।

याचिका में इन पीपीई किट्स, मास्क और सैनेटाइजर को स्वास्थ्य और पुलिस कर्मियों समेत अग्रिम मोर्चे पर जुटे कोविड-19 योद्धाओं को वितरित करने का अनुरोध किया गया है।

यह भी पढ़े | Aurangabad's Bajaj Factory Employees Test COVID-19 Positive: औरंगाबाद में बजाज कंपनी के 79 कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित, दो दिन कंपनी रहेगी बंद.

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा कि ‘‘अदालत दूसरों की कीमत पर दान नहीं कर सकती।’’

पीठ ने कहा कि इन सामान के मालिक अदालत का रुख कर अपने सामान छोड़ने का अनुरोध कर सकते हैं इसलिए इन्हें किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़े | CBSE Board Exams 2020: सुप्रीम कोर्ट ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने संबंधी अधिसूचना को दी मंजूर.

अदालत ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता हेमंत मंजानी वकील होने के बावजूद ऐसी याचिका दायर कर रहे हैं जो न केवल अदालत के वक्त की बर्बादी है बल्कि ‘‘व्यर्थ’’ भी है।

इसके बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\