देश की खबरें | न्यायालय ने तिरुपति में 'अनियमित' अनुष्ठानों का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ एक याचिका पर विचार करने से मंगलवार को इनकार कर दिया जिसमें तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा में "गलत और अनियमित प्रक्रिया" का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि संवैधानिक अदालत किसी मंदिर के रोजाना के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

नयी दिल्ली, 16 नवंबर उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ एक याचिका पर विचार करने से मंगलवार को इनकार कर दिया जिसमें तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की पूजा में "गलत और अनियमित प्रक्रिया" का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा कि संवैधानिक अदालत किसी मंदिर के रोजाना के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की तीन सदस्यीय पीठ ने सवाल किया, ‘‘क्या हम किसी मंदिर के अनुष्ठानों में हस्तक्षेप कर सकते हैं? नारियल किस प्रकार तोड़ें या आरती कैसे करें।" पीठ ने श्रीवारी दादा नामक एक श्रद्धालु की जनहित याचिका को "प्रचार पाने के लिए याचिका" करार दिया।

पीठ ने हालांकि तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम प्रबंधन को ऐतिहासिक मंदिर में भक्तों द्वारा दर्शन और पूजा किए जाने से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर श्रद्धालु के ज्ञापन के संबंध में आज से आठ सप्ताह के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत मंदिर के रोजना के मामलों में हस्तक्षेप करने जैसा है और उस पर संवैधानिक अदालत विचार नहीं कर सकती। यदि कोई अनुष्ठान या सेवा स्थापित परंपरा के अनुसार नहीं किया जाता है, तो यह तथ्यों का सवाल है और इस पर निचली अदालत द्वारा सबूतों पर गौर किया जा सकता है।

पीठ ने याचिकाकर्ता को पूजा करने के तरीके या पद्धति पर अपनी शिकायतों को लेकर मुकदमा दायर करने के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाने की स्वतंत्रता दी।

इससे पहले, उच्चतम न्यायालय ने 29 सितंबर को तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम को भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के एक भक्त की उस याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया था, जिसमें वहां पूजा करने में "गलत और अनियमित प्रक्रिया" का आरोप लगाया गया था।

तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम एक स्वतंत्र ट्रस्ट है जो आंध्र प्रदेश में प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर स्वामी सहित विभिन्न मंदिरों का प्रबंधन करता है। दादा ने अपनी जनहित याचिका खारिज करने के उच्च न्यायालय के पांच जनवरी के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में अपील दायर की थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now