देश की खबरें | अदालत का सरकारी जमीन से बस्ती हटाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पीछे खाली पड़ी सरकारी जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर बसाई गई झुग्गी-बस्ती को हटाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 20 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पीछे खाली पड़ी सरकारी जमीन पर कथित रूप से अतिक्रमण कर बसाई गई झुग्गी-बस्ती को हटाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि यह जमीन किसी गरीब या शोषित की नहीं है और याचिकाकर्ता से कहा कि या तो वह इस याचिका को वापस ले ले या “अदालत के आदेश का सामना करे।”

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अदालत के मिजाज को भांप कर पेशे से वकील याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।

पीठ ने कहा, “अनुमति दी जाती है। याचिका वापस लिए जाने से इसका निपटान किया जाता है।”

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याचिका के मुताबिक, उक्त जमीन पर हाल में अतिक्रमण बढ़ गया है।

उपरोक्त जमीन के पास रहने वाले, याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि अगर बस्ती के विस्तार पर रोक नहीं लगाई गई तो यह इलाका अगला “धारावी” बन जाएगा। मुंबई के धारावी को एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती माना जाता है।

वकील ने अदालत को बताया कि उसने जमीन के मालिक, रक्षा मंत्रालय समेत विभिन्न अधिकारियों को कई बार शिकायतें एवं प्रतिवेदन दिए लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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