देश की खबरें | अदालत ने कांग्रेस की पूर्व पार्षद की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की अंतरिम जमानत को और बढ़ाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।

जियो

नयी दिल्ली, 19 जून दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की अंतरिम जमानत को और बढ़ाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।

जहां के खिलाफ फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता अधिनियम के विरोध में सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

यह भी पढ़े | Rajya Sabha Elections 2020: वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की सभी 4 राज्यसभा सीटों पर मिली जीत.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने जहां को शुक्रवार को जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और जेल अधीक्षक से उन्हें पर्याप्त चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने को कहा।

जहां ने वकील ललित वलेचा के जरिए 19 जून तक पहले दी गई अंतरिम जमानत को सात दिनों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया। उन्होंने शादी के लिए अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था।

यह भी पढ़े | Rajya Sabha Elections:मध्य प्रदेश से बीजेपी से ज्योतिरादित्य सिंधिया,सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस से दिग्विजय सिंह राज्यसभा का चुनाव जीते: 19 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

वकील ने कहा कि जहां ने 12 जून को शादी की और बाद में उनका पति एक रिश्तेदार के संपर्क में आया जो कोविड ​​-19 से संक्रमित था।

जमानत याचिका में वकील ने कहा कि उनके पति को कोरोना वायरस जांच कराने की सलाह दी गई है और जहां में भी कुछ लक्षण दिखे हैं। मैक्स सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज के डॉक्टरों ने उन्हें कोरोना वायरस की जांच से पहले सात दिनों तक घर में पृथक-वास में रहने की सलाह दी है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुयी सुनवाई के दौरान, वकील ने अदालत को बताया कि जहां के पति की रिपोर्ट नकारात्मक आयी है।

दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि संबंधित डॉक्टर ने कोई कोविड-19 जांच कराने को नहीं कहा है और बताया गया है कि यह फ्लू का सामान्य मामला है।

अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट या संबंधित डॉक्टर की सलाह पर संदेह करने का कोई विशिष्ट कारण नहीं हैं। यह कानून का स्थापित सिद्धांत है कि अंतरिम जमानत केवल विशेष परिस्थितियों में दी जा सकती है। केवल आशंकाएं अंतरिम जमानत के लिए वैध आधार नहीं बन सकती हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

LSG vs CSK Stats In IPL: आईपीएल इतिहास में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा हैं चेन्नई सुपरकिंग्स बनाम लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आकंड़ें

LSG vs CSK, IPL 2026 59th Match Winner Prediction: इकाना स्टेडियम में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती हैं बाजी

वचनानंद स्वामी पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज: नाबालिग के यौन उत्पीड़न के आरोप में घिरे हरिहर मठ के पूर्व प्रमुख

LSG vs CSK, IPL 2026 59th Match Ekana Stadium Pitch Report: इकाना स्टेडियम में आज चेन्नई सुपरकिंग्स के बल्लेबाज करेंगे रनों की बरसात या लखनऊ सुपरजायंट्स के गेंदबाज लाएंगे विकेटों का तूफान? महा मुकाबले से पहले जानें पिच रिपोर्ट