मुंबई, 30 मई बम्बई उच्च न्यायालय ने शहर में शराब के ठेकों पर बिक्री रोकने के बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के आदेश को खारिज करने से इनकार करते हुए कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के बीच नगर निकाय का यह आदेश नीतिगत फैसला है।
नगर निकाय ने 22 मई को शराब के ठेकों पर बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए घरों तक शराब पहुंचाने के लिए ई-वाणिज्य मंचों के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी।
न्यायमूर्ति नितिन जामदार और न्यायमूर्ति एन आर बोरकर की खंडपीठ ने बीएमसी की अधिसूचना को खारिज करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
महाराष्ट्र शराब व्यापारी संघ ने याचिका दायर कर राज्य सरकार को मुंबई में ठेकों पर शराब की बिक्री की अनुमति देने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। मुंबई कोविड-19 रेड जोन है।
याचिका में कहा गया था कि पुणे और नासिक जैसे शहरों में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति मुंबई की तरह ही है, लेकिन वहां ठेकों पर शराब की बिक्री की अनुमति है।
हालांकि पीठ ने कहा कि इस याचिका को नगरपालिका आयुक्त के सामने पेश करना उचित होगा और वह ही सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उचित फैसला कर पाएंगे।
अदालत ने कहा, ‘‘यह नीतिगत फैसला है। इस प्रकार के फैसले विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। स्थिति जगह के साथ बदल सकती है।’’
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