देश की खबरें | न्यायालय का तमिलनाडु के स्थानीय निकायों को केन्द्रीय सहायता दिलाने के लिये याचिका पर विचार से इंकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के स्थानीय निकायों के लिये 2016 से अब तक की केन्द्रीय सहायता दिलाने के लिये दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इंकार कर दिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 28 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के स्थानीय निकायों के लिये 2016 से अब तक की केन्द्रीय सहायता दिलाने के लिये दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करने से बुधवार को इंकार कर दिया।

इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि केन्द्रीय वित्त मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय ने 2016 से ही राज्य के स्थानीय निकायों के लिये औसतन 4,000 करोड़ रुपए की सालाना वित्तीय सहायता जारी नहीं की है। यह धनराशि वितरित नहीं होने की वजह से विकास कार्य ठप हैं।

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याचिका में कहा गया था कि 2016 से स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं होने की वजह से केन्द्रीय सहायता वितरित नहीं की जा रही है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने अधिवक्ता सी आर जया सुकिन से कहा कि वह याचिका वापस लें और राहत के लिये उच्च न्यायालय जायें।

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वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान पीठ ने अधिवक्ता सुकिन से जानना चाहा कि वह किस हैसियत से यह समस्या उठा रहे हैं।

सुकिन ने जब यह कहा कि एक नागरिक की हैसियत से उन्होंने याचिका दायर की है तो पीठ ने कहा, ‘‘हम सभी भारत के नागरिक हैं। आप अगर उच्च न्यायालय जानना चाहते हैं तो इसे वापस ले लीजिये अन्यथा हम इसे खारिज कर देंगे।

अधिवक्ता ने कहा कि वह याचिका वापस लेकर उच्च न्यायालय जाने की छूट चाहते हैं।

न्यायालय ने अधिवक्ता को इसकी अनुमति दे दी।

शीर्ष अदालत ने छह दिसंबर, 2019 को राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि नौ जिलों के अलावा सभी स्तरों पर पंचायत चुनाव कराये जायें।

अनूप

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