देश की खबरें | अदालत का एल्गार परिषद मामले में कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को जमानत देने से इनकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद- कोरेगांव भीमा मामले में आरोपी वकील एवं कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
मुंबई, 28 अगस्त बंबई उच्च न्यायालय ने एल्गार परिषद- कोरेगांव भीमा मामले में आरोपी वकील एवं कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है।
यह भी पढ़े | लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और CM आदित्यनाथ योगी के शहर में बनेंगे इंडस्ट्रियल पार्क.
न्यायमूर्ति आर डी धानुका की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस साल जून में दायर भारद्वाज की अपील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विशेष अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया था।
भारद्वाज (58) ने जमानत का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया और कहा कि वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त है।
यह भी पढ़े | चंडीगढ़: पंजाब पुलिस ने 29 साल पुराने अपहरण मामले में पूर्व DGP के घर मारा छापा, केस दर्ज.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की ये समस्याएं भायखला महिला जेल में रहते हुए उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का जोखिम बढ़ाती हैं जहां एक कैदी पूर्व में कोविड-19 की जांच में संक्रमित पाई गई थी।
हालांकि, अदालत ने एनआईए और महाराष्ट्र सरकार की दलीलों पर गौर किया जिनमें कहा गया कि जेल के अधिकारी कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सभी एहतियात बरत रहे हैं और वे भारद्वाज को उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जरूरी चिकित्सीय देखभाल उपलब्ध करा रहे हैं।
एनआईए के वकील, अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल अनिल सिंह ने भी अदालत को बताया कि अगर किसी भी वक्त भारद्वाज को और इलाज की जरूरत पड़ेगी या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ेगी तो राज्य इसकी व्यवस्था करेगा।
उन्होंने कहा कि मामले में सह-आरोपी, कवि-कार्यकर्ता वरवर राव को सरकारी जेजे अस्पताल में और बाद में कोविड-19 एवं अन्य बीमारियों के इलाज के लिए निजी नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उच्च न्यायालय ने भारद्वाज की याचिका खारिज करते हुए कहा, “हमारी नजर में, जमानत का कोई आधार नहीं बनता है। इस आवेदन में विचार योग्य कोई गुण नहीं है।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2020 03:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

